पंचकूला। कभी सर्द और कभी गर्म मौसम के चलते लोग बीमार हो रहे हैं। मौसम में आए बदलाव के कारण रोजाना ही सिविल अस्पताल में खांसी, जुकाम, सर्दी, गला खराब जैसी बीमारियों के 400 केस पहुंच रहे हैं। सिविल अस्पताल में एकदम से मरीज बढ़ गए हैं। इलाज के लिए पहुंच रहे लोगों को डाॅक्टरों की ओर से इससे बचाव के लिए जानकारी भी दी जा रही है। दिन में गर्मी और रात में सर्दी लगातार होने के साथ हवा भी प्रदूषित होने के कारण मौसम में बदलाव आया है। विशेषज्ञों ने बताया कि दोपहर में गर्म हवा और रात में ठंड होने से लोग बीमार हो रहे हैं। कई बार लोग गर्मी लगने पर ठंडे पेय या फ्रिज का पानी पी लेते हैं। ये भी बीमारी का बड़ा कारण है। बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में सर्दी, जुकाम और बुखार जकड़ लेता है। यदि ऐसी बीमारी नजर आए तो उसे अनदेखा करने की बजाए तुरंत डाक्टर के पास जाना चाहिए।
पंचकूला सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. जितेंदर सिंह का कहना है कि ऐसे मौसम में खानपान और रहन-सहन के मामले में खास ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में फ्रिज का पानी नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने बताया कि मौसम के बदलाव के कारण ओपीडी की भी संख्या बढ़ने लगी है। रोजाना ही करीब सौ मरीज अस्पताल में बढ़ गए हैं।
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बच्चों का रखें ध्यान
बच्चों के विशेषज्ञ डॉ. गगन कुमार ने बताया कि लगातार तापमान के उतार चढ़ाव के कारण सबसे अधिक छोटे बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। कभी सर्द तो कभी गर्म मौसम होने के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां लोगों को परेशान कर रही हैं। बीमारियों से बचाने के लिए बच्चों के कपड़ों को साफ रखना चाहिए। इसके साथ ही हरी सब्जियों को फ्रीज में अधिक देर तक न रखें और फ्रीज का ठंडा पानी का सेवन न करें।
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ये सावधानी बरतें
- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लें।
- खानपान का विशेष ध्यान रखें, पर्याप्त पानी पीना पिएं।
- ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार बुखार का कारण बन जाता है।
- सिरदर्द या बुखार महसूस हो तो विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें।