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सिद्वार्थ क्लिनिक के संचालक डॉ. श्याम सुंदर सूद पर केस दर्ज

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पंचकूला। सेक्टर-5 मनसा देवी कांप्लेक्स के स्वास्तिक विहार के एससीओ नंबर-45 के सिद्धार्थ क्लिनिक पर छापेमारी के कई दिन बाद आरोपी डॉक्टर श्याम सुंदर सूद पर अब केस दर्ज कर दिया गया है। आरोपी डॉक्टर पर थाना मनसा देवी में पीसी एवं पीएनडीटी एक्ट एवं रूल, एमटीपी एक्ट एवं ड्रग और कॉस्मेटिक एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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हालांकि आरोपी को फिलहाल अरेस्ट नहीं किया गया है। इंस्पेक्शन टीम को जांच में पता लगा कि क्लिनिक में महिलाओं के गर्भ की लिंग जांच की जाती थी। साथ ही क्लिनिक से ऐसी कई किट रिकवर की गई थीं, जो गर्भपात के लिए इस्तेमाल में लाई जाती थीं। इंस्पेक्शन टीम ने जांच में क्लिनिक में पीसी एवं पीएनडीटी एक्ट एवं रूल, एमटीपी एक्ट एवं ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट की बड़े स्तर पर उल्लंघना होती पकड़ी थी। इंस्पेक्शन रिपोर्ट में कई अनियमितताएं पाए जाने सहित स्पष्ट तौर पर पीसी एवं पीएनडीटी एक्ट की धारा 5,6,29,3,4,18 और 3,ए व रूल-9 एवं 10 और एमटीपी एक्ट-1971 के रूल-8 की उल्लंघना, ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट 18, 27 की उल्लंघना होना बताया गया है। जांच टीम ने क्लिनिक में गर्भवती महिलाओं पर एंटी नेटल यूएसजी का इस्तेमाल कर पीएनडीटी एक्ट के रूल 9 और 10 की भारी उल्लंघना भी मिली थी।
एफ फॉर्म में बड़ा गड़बड़झाला
अधिकांश एफ फॉर्म अधूरे मिले थे और उन पर अप्रूव्ड ऑपरेटर के हस्ताक्षर तक नहीं थे। किसी भी एफ फॉर्म पर रजिस्टर्ड सेंटर का पूरा पता नहीं था और कई फॉर्म पर रेफर्ड बाय का उल्लेख नहीं था। जैसे पूनम 18 सितंबर, सुखविंदर 19 सितंबर, कांति 17 सितंबर समेत ज्योति और लक्ष्मी की रिपोर्ट पर कोई तारीख ही नहीं लिखी थी। कई एफ फॉर्म पर प्रोसिजर के इंडीकेशन तक नहीं थे और कॉलम नंबर-11 से 16, 24, 25, 26 और 27 सहित अन्य अस्थायित्व से खाली मिले थे।
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एफ फॉर्म पर यूएसजी कंडक्ट करने वाले डॉक्टर का डिक्लयरेशन नहीं था और अल्ट्रा सोनोग्राफी करने वाले डॉक्टर के विधिवत हस्ताक्षर नहीं मिले थे। गर्भवती कांति की 17 सितंबर की तारीख पर उनके अंगूठे की छाप अटैस्टिड नहीं थी। सरोज के एफ फॉर्म पर मरीज की बिना डिक्लयरेशन और बिना तारीख का फॉर्म था। कई मरीजों निधी, प्रीती, पूजा, किरणजीत, वंदना, रानी सहित अन्य के फॉर्म मरीज के नाम को नहीं दर्शाते थे। अधिकांश एफ फॉर्म पर एलएमपी का उल्लेख नहीं मिला। विभिन्न मरीजों के पूरे पते का उल्लेख नहीं था।
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