पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार को उत्तरी कश्मीर के हिंदवाड़ा क्षेत्र में पांच जवानों की शहादत पर गहरा दुख प्रकट करते हुए इस हमले में शहीद हुए पंजाब के मानसा के जवान नायक राजेश कुमार के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का एलान किया।
रविवार को सुबह जैसे ही भारतीय सेना के चार जवानों और जम्मू-कश्मीर के एक पुलिस कर्मी के शहादत की खबर आई, कैप्टन ने दुख में शामिल होते हुए कहा कि शहीद जवानों की बहादुरी और शौर्य को सलाम करता हूं। इस दुख की घड़ी में वाहेगुरु के आगे शहीद सैनिकों के पारिवारिक सदस्यों को हौसला प्रदान करने की अरदास करता हूं।
पांच सुरक्षाकर्मी जिनमें सेना का एक कर्नल और एक मेजर भी शामिल था, दहशतगर्दों के साथ मुकाबले में शहीद हो गए। दहशतगर्दों ने कुछ नागरिकों को एक घर में बंधक बनाया हुआ था। मुख्यमंत्री ने आतंकवादियों के इस काम को शर्मनाक और कायरता पूर्ण कार्यवाही बताते हुये कहा कि जब इस समय भारत और पाकिस्तान समेत पूरा विश्व कोविड महामारी के खिलाफ लड़ रहा है तो पाकिस्तान की तरफ से सरहद पार ऐसे हमले जारी हैं।
कैप्टन ने कहा कि चाहे आतंकवाद को किसी भी समय अनदेखा नहीं किया सकता, लेकिन मौजूदा नाजुक समय में ऐसी कार्रवाई को अंजाम देना पाकिस्तान की ओर से शर्म की कमी नजर आती है, जो अपने निजी फायदों के लिए मौके का प्रयोग करने के लिए तत्पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोविड के विरुद्ध जंग के दौरान किसी को भी हमारे मुल्क का फायदा उठाने की कोशिश करने की गलती नहीं करनी चाहिए।
शहीद नायक राजेश के परिवार को मदद
मुख्यमंत्री ने 21 आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स, पेरेंट यूनिट 3 गार्ड्स) के नायक राजेश कुमार जो मानसा जिले की तहसील सरदूलगढ़ के गांव राजराना का निवासी था, के परिवार के साथ दुख जाहिर करते हुए पांच लाख रुपये की एक्स-ग्रेशिया और प्लाट की एवज में पांच लाख रुपये समेत शहीद के अगले वारिस के लिए 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का एलान किया। इसके अलावा राज्य सरकार की मौजूदा नीति के तहत पीड़ित परिवार के एक मेंबर को सरकारी नौकरी भी मुहैया करवाई जाएगी।
आज होगा अंतिम संस्कार
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि शहीद की मृतक देह सोमवार को गांव आऐगी जहाँ कोविड प्रोटोकोल की पालना करते हुये पूरे सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा।