पिंजौर। हाथरस में युवती के साथ हुई हैवानियत के मामले में यूपी पुलिस और सरकार की भूमिका के खिलाफ पिंजौर में कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च वाल्मीकि सभा पिंजौर के तत्वाधान में गुरु रविदास सभा, कबीर सभा व समाजसेवी संस्थाओं के साथ गणमान्य लोगों ने एकजुट होकर निकाला। इस दौरान पीड़िता की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
कैंडल मार्च पिंजौर गार्डन से शुरू होकर मुख्य बाजार से गुजरते हुए बस स्टैंड पर जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रवक्ता एडवोकेट राकेश करोतिया ने बताया कि हाथरस में वाल्मीकि समाज की युवती के साथ आरोपियों द्वारा जो हैवानियत की गई उस मामले को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। सोची-समझी साजिश के तहत मृतका का शव उसके परिजनों को नहीं सौंपा। इसके अलावा पुलिस ने रात में पीड़िता का अंतिम संस्कार कर इस मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को मिटाने का काम किया है। इस प्रदर्शन में विनोद वाल्मीकि, संजीव कुमार प्रधान वाल्मीकि समाज, गोल्डी, वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. सुशील कुमार, सुरेंदर चौहान, एडवोकेट राज गौरी, एस भट्टी, रिंपी वाल्मीकि, गुरु रवि दास सभा पिंजौर के प्रधान बलबीर गुरे, जितेंद्र कुमार, रंजीत, इनेलो के जिला अध्यक्ष सतिंदर सिंह टोनी, युवा कांग्रेसी नेता नवदीप नब्बी, ‘आप’ नेता हरप्रीत सिंह, ईश्वर आदि ने परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।