चंडीगढ़। दड़वा निवासी सुरिंदर सिंह ने दड़वा के चौकी इंचार्ज पर इलाकेमें सट्टा चलवाने और उगाही का आरोप लगाया है। याची ने कहा कि सट्टे का विरोध करने पर उसे और उसके बेटे को जमकर पीटा गया और फर्जी केस बनाकर फंसाया गया है। याची ने सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर यूटी प्रशासन सहित चौकी इंचार्ज को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
सुरिंदर सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि 26 अप्रैल को उसका बेटा घर से बाहर निकला था। कुछ दूरी पर सरकारी स्कूल के नजदीक कुछ लोग जमा थे। याची के बेटे मनदीप ने जाकर देखा तो पाया वहां सट्टा खेला जा रहा था। याची के बेटे ने इसका विरोध किया तो पाया कि पुलिस वाले सादी वर्दी में वहां मौजूद थे और उनकी जानकारी में यह कार्य हो रहा था। आरोप है कि विरोध करने पर मनदीप को चौकी ले जाकर खूब पीटा गया। याची को जब पता चला तो वह चौकी पहुंचा और विरोध किया। इसके बाद पुलिस वालों ने उसकी भी पिटाई आरंभ कर दी। याची ने कहा कि यह सब चौकी इंचार्ज परमिंदर सिंह के कहने पर हो रहा था। परमिंदर सिंह ही इलाके में सट्टे के कारोबार को होने देता है और वसूली करता है।
याची ने बताया कि चौकी इंचार्ज अक्सर लोगों को फर्जी मामलों में फंसाता है। कुछ समय पहले पूर्व सरपंच प्रकाश को भी नशे के इंजेक्शन के फर्जी मामले में फंसाया गया था। याची ने बताया कि इस पूरी घटना के बारे में यूटी प्रशासन और प्रशासक को शिकायत सौंपी गई। इसके बाद लगातार याची को चौकी इंचार्ज परेशान करने लगा और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगा। सुरिंदर को फोन पर धमकियां मिलने लगीं हैं। याची ने बताया कि चौकी इंचार्ज खुद को डीजीपी का आदमी बताता है और कहता है कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। चौकी इंचार्ज 30 मई को रिटायर होने जा रहा है और याची को शक है कि इससे पहले वह याची व उसके परिवार को झूठे मामले में फंसा सकता है। याची ने चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई और परिवार की रक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है।