चंडीगढ़। पंजाब के संचार ढांचे को और मजबूत करने का फैसला किया गया है। इससे डिजिटल संचार नेटवर्क का तेजी से विकास होगा और राज्य में सभी के लिए किफायती और व्यापक पहुंच वाला ब्राडबैंड मुहैया करवाया जा सकेगा। मौजूदा समय में 1000 व्यक्तियों के पीछे राष्ट्रीय औसत घनत्व 0.42 के मुकाबले पंजाब का टेलीकॉम घनत्व 0.7 है। देश भर में से पंजाब तीसरे स्थान पर है।
राज्य के संचार ढांचे और नेटवर्क को देश में सर्वोच्च स्थान पर लाने के मकसद से मुख्य सचिव विनी महाजन ने मंगलवार को सूबे में टेलीकॉम ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए जरूरी मंजूरियां देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास निर्माण एवं शहरी विकास और विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं वातावरण विभाग को राज्य में डिजिटल अंतर को दूर करने के लिए दूर संचार घनत्व बढ़ाने के मकसद से स्टेट टेलीकॉम नीति अपनाने के निर्देश दिए।
राज्य में टावरों की संख्या बढ़ाने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि पंजाब उन कुछ राज्यों में से है, जहां टेली-डेंसिटी बहुत ज्यादा है। हिमाचल प्रदेश और केरल के बाद टेली-डेंसिटी के साथ पंजाब देश भर में तीसरे स्थान पर है, इसलिए गुणवत्ता में सुधार लाने और डाटा स्पीड को बेहतर बनाने के लिए टावरों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है।
अपने कार्यालय में स्टेट ब्राडबैंड कमेटी की ऑनलाइन मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए विनी महाजन ने कहा कि राज्य की आर्थिकता को बढ़ावा देने और डिजिटल फर्क को पूरा करने के लिए इंटरनेट संपर्क बहुत जरूरी है। राज्य में टावरों की वृद्धि से मोबाइल और इंटरनेट के लिए सेवाओं की गुणवत्ता में अहम सुधार आएगा और सभी गांवों में ब्राडबैंड तक पहुंच मुहैया करवाने के लिए एक मिसाली कदम भी साबित होगा। मुख्य सचिव ने संबंधी विभागों और सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि वे टेलीकॉम टावर लगवाने संबंधी पंजाब बिजेनस फस्ट पोर्टल पर प्राप्त हुई सभी लंबित आवेदनों का निर्धारित समय में निपटारा करें।
दूरसंचार विभाग के सीनियर डीडीजी, एलएसए नरेश शर्मा ने मीटिंग में बताया कि भारत सरकार की तरफ से राष्ट्रीय ब्राडबैंड मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त टावर लगाकर टावर की डेंसिटी 1000 व्यक्तियों के पीछे 0.42 से बढ़ाकर 1.0 करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस समय राज्य में लगभग 20800 टावर हैं और टावर की डेंसिटी 1000 व्यक्तियों के पीछे 0.7 है, जिसे 2024 तक बढ़ाकर 1.0 किया जाना है। इसके लिए पंजाब में लगभग 9000 और टावर स्थापित करने पड़ेंगे। लगभग प्रति साल 1000-1200 टावर लगाए जा रहे हैं।