चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शिक्षकों की रेशनेलाइजेशन और मॉडल संस्कृति स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। 138 प्राथमिक और सेकेंडरी मॉडल संस्कृति स्कूलों में इस सत्र से दोनों माध्यम से पढ़ाई होगी। अब डीईओ, डीईईओ भी शिक्षकों का रेशनेलाइजेशन कर सकेंगे। अभी तक शिक्षा निदेशक सेकेंडरी व मौलिक के पास ही इसका अधिकार था। अब जिला स्तर पर ही स्कूलों की छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों को इधर से उधर किया जा सकेगा।
शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने बताया कि कई स्कूलों में विद्यार्थियों के हिसाब से शिक्षक अधिक, तो कहीं कम हैं। डीईओ, डीईईओ छात्र संख्या मंगवाकर जरूरत के अनुसार शिक्षकों को एक से दूसरे स्कूल में भेज सकेंगे। इससे शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होने से बच जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हुई स्कूल शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और उनकी बैठक में यह निर्णय लिया गया है। शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले जल्द किए जाएंगे। हाईकोर्ट ने तबादलों से जुड़े मामलों में अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है। जल्द फैसला आने की उम्मीद है, उसके बाद तेजी से तबादला प्रक्रिया सिरे चढ़ाई जाएगी। मॉडल संस्कृति स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से ही पढ़ाई के लिए दाखिला मिलने को अभिभावक चिंतित न हों, सरकार ने हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यम से बच्चों का पढ़ाने का निर्णय लिया है।
1200 निजी स्कूल स्थायी मान्यता के लिए करें आवेदन
शिक्षा मंत्री ने बताया कि 1200 निजी स्कूल स्थायी मान्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश सरकार इन्हें अस्थायी की जगह स्थायी मान्यता देने पर विचार करेगी। जो स्कूल मानदंड पूरा नहीं करते हैं, उन्हें सहानुभूतिपूर्वक छूट देने पर भी विचार किया जाएगा।
पांच मई को रोहतक से होगी टैब बांटने की शुरूआत
कंवरपाल ने बताया कि साढ़े पांच लाख बच्चों को टैब बांटने की शुरूआत पांच मई को रोहतक से होगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। एक महीने में 2.05 लाख टैब वितरण का लक्ष्य रखा है। ढाई लाख टैब इस महीने के अंत तक डाइट में पहुंच जाएंगे। 1.05 लाख टैब अब तक आ चुके हैं।