चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा एक नवंबर को लुधियाना में आयोजित की जा रही खुली बहस को लेकर वीरवार को पंजाब भाजपा के प्रधान सुनील जाखड़ ने स्पष्ट किया कि भाजपा पूरी तैयारी के साथ बहस में उतरेगी। इसके तहत वे पंजाब के पानी, खेती, जवानी, नशे और राज्य में बने डर के माहौल के मुद्दे उठाएंगे, लेकिन और कौन से मुद्दों पर सरकार से जवाब लेने हैं, उसके लिए वे पंजाब के लोगों से सुझाव लेना चाहते हैं। इसके लिए जाखड़ ने व्हाट्सएप नंबर 7508560065 जारी करते हुए पंजाब के लोगों को सुझाव देने को कहा है।
पंजाब भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जाखड़ ने कहा कि उन्होंने टैगोर थियेटर में बहस में हिस्सा लेने से इसलिए इन्कार किया था क्योंकि हमें नाटक नहीं खेलने, न ही मुझे नाटक आते हैं बल्कि पंजाब के वजूद के मसले पर चर्चा करनी है। इस वजह से इन्होंने (सीएम ने) फिर अपने नाटककार मित्र को बहस का संचालन सौंप दिया है। इसका जवाब मुख्यमंत्री को लोगों को देना होगा। जाखड़ ने कहा कि पंजाब के लोगों ने जिन्हें बड़ी उम्मीदों से राज्य सौंपा था, वह बार-बार मंच की तरफ चले जाते हैं। उन्हें अब तक राज्य और मंच के बीच अंतर नहीं समझ आ रहा। जाखड़ ने कहा- ‘मुख्यमंत्री जी, जवाब तो पंजाब आपसे मांग रहा है, आपको सिर्फ जवाब लेकर आना है, सवाल तो आपसे हम पूछेंगे।’
जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से बहस की चुनौती तो मजाक में दे दी गई लेकिन वे अब भी गंभीर मुद्दों पर चर्चा को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि जिस व्यक्ति को मुख्यमंत्री ने एक नवंबर की बहस के लिए संचालक नियुक्त किया है, बेशक उसकी योग्यता पर संदेह नहीं किया जा सकता, लेकिन जो व्यक्ति आप सरकार की दया पर निर्भर है, उससे निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर निर्मल जोड़ा को साहित्यकार और नाटककारों के साथ मंच संभालने की महारत तो हासिल है, लेकिन वह पंजाब के गंभीर मुद्दों पर बहस में कैसे निष्पक्षता दिखाएंगे? जाखड़ ने एक नवंबर की बहस के लिए आप विधायक कुंवर विजय प्रताप सहित पंजाब के अन्य विधायकों को भी न्योता दिया, जो पंजाब के हितों के लिए सरकार से जवाब लेना चाहते हैं।