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हरियाणाः राज्यसभा के लिए दीपेंद्र हुड्डा की उम्मीदवारी से बैकफुट पर भाजपा, यूं कटा सैलजा का नाम

Sat, 14 Mar 2020 11:42 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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नामांकन भरने के बाद दीपेंद्र हुड्डा
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सियासत के खेल में एक बार फिर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पलड़ा भारी रहा है। अपने पुत्र दीपेंद्र को राज्यसभा की देहरी तक पहुंचाने में वे तकरीबन कामयाब रहे हैं। दीपेंद्र की उम्मीदवारी के चलते भारतीय जनता पार्टी को तीसरे उम्मीदवार की घोषणा करने में बैकफुट पर आना पड़ा है। अन्यथा भाजपा ने देर रात तक तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की तैयारी कर रखी थी। दीपेंद्र का नाम वीरवार देर रात फाइनल होने के बाद पार्टी ने उम्मीदवार नहीं उतारने का निर्णय लिया।
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दरअसल भाजपा को यह उम्मीद थी कि यदि राज्यसभा के लिए कुमारी सैलजा का नाम आगे आता है तो हुड्डा समर्थक विधायक क्रास वोटिंग कर सकते हैं। ऐसे में भाजपा को फायदे की उम्मीद जगी थी, लेकिन दीपेंद्र का नाम सामने आने के बाद 31 विधायकाें वाली कांग्रेस भी एकजुट हो गई।

अधिकतर विधायक हुड्डा के खेमे में आ गए। साथ ही हुड्डा की सेंधमारी जजपा और निर्दलीय विधायकों के बीच भी थी। महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू पहले ही हुड्डा के समर्थन का दावा कर चुके थे। जिसके चलते भाजपा ने तीसरा प्रत्याशी उतारना उचित नहीं समझा। उधर, नामांकन के दौरान सैलजा समर्थक विधायक भी दीपेंद्र के नामांकन में खड़े नजर आए।
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सूत्रों के मुताबिक भाजपा की ओर से जजपा को तीसरी सीट का आफर था, लेकिन जजपा भी हिम्मत नहीं जुटा पाई। सूत्रों के मुताबिक जिस तरह से जजपा में विरोध के स्वर बुलंद हो रहे हैं। उससे जजपा को भी क्रास वोटिंग का खतरा था। दादा गौतम और देवेंद्र बबली जैसे विधायक पहले ही अंदरखाते नाराज चल रहे हैं।
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यह कहकर कटवाया सैलजा का नाम

हुड्डा खेमे ने सैलजा का नाम यह कह कर कटवाया कि एक व्यक्ति को दो पद नहीं देने चाहिए। सैलजा इस समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। ऐसे में दीपेंद्र को प्रत्याशी बनाना चाहिए। नाम घोषित होने के बाद दीपेंद्र सैलजा को मनाने के लिए उनसे मिलने गए। बाद में सैलजा ने ट्वीट के माध्यम से दीपेंद्र को बधाई दी।

हारे हुए मंत्रियों को नहीं मिली जगह
कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा के हारे हुए मंत्री राज्यसभा की जोड़-तोड़ में लगे हैं, लेकिन नामांकन के दौरान किसी की दाल नहीं गली। आलाकमान के दरबार में हाजिरी लगा रहे इन मंत्रियों को सीधे तौर पर नामांकन के लिए मना कर दिया गया। इसके अलावा भी भाजपा के कई धुरंधर थे जो राज्यसभा

हुड्डा की कोर टीम रही मौजूद
हुड्डा की कोर टीम अभी भी हुड्डा के साथ है। नामांकन के समय यह नजारा देखने को मिला। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा सहित गीता भुक्कल, शकुंतला खटक, भारत भूषण बत्तरा सहित अन्य नेता दीपेंद्र का नामांकन भरवाने पहुंचे।
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