चंडीगढ़। पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कैबिनेट मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा द्वारा 450 करोड़ रुपये की 31 एकड़ सरकारी जमीन को धोखे से बेचने के मामले में इस्तीफा मांगा है। शर्मा ने कहा है कि भाजपा की शिकायत पर कैबिनेट मंत्री सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को लोकपाल ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अश्वनी शर्मा ने मांग की है कि लोकपाल द्वारा जांच किए जाने तक मंत्री अरोड़ा को पंजाब कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया जाए।
अश्वनी ने कहा कि राज्य सरकार घोटालों की सरकार बन चुकी है। रोजाना इनके मंत्रियों के कोई न कोई घोटाले उजागर हो रहे हैं। पहले कैबिनेट मंत्री राणा सोढी द्वारा जमीन का दोहरा मुआवजा लेने का घोटाला सामने आया था। इससे पहले कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत द्वारा दलित विद्यार्थियों की स्कॉलरशिपका घोटाला किया गया। खुद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर लुधियाना सिटी सेंटर के घोटाले के आरोप लग चुके हैं। ऐसे ही कई और घोटालों में कांग्रेसियों के नाम सामने आते रहे हैं, लेकिन कैप्टन अपने मंत्रियों को क्लीनचिट देकर जनता को मूर्ख बना रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि कैबिनेट मंत्री तथा विभागीय अधिकारियों द्वारा मोहाली में दिवालियापन की शिकार हुई जेसीटी इलेक्ट्रानिक्स की संपत्ति की नीलामी में जीआरजी डेवलपर्स को 450 करोड़ रुपये की जमीन 90.56 करोड़ में दी। जीआरजी कंपनी जिसके मंत्री अरोड़ा से करीबी संबंध हैं को लाभ पहुंचाने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत इस घोटाले को अंजाम दिया गया।