पंचकूला। पुलिस भर्ती फर्जीवाड़ा में बड़ा खुलासा हुआ है। एसआईटी की पूछताछ में आरोपी हिसार निवासी अशोक कुमार और जींद निवासी रामफल ने कई राज खोले हैं। वीरवार को एसआईटी ने दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर करीब छह घंटे पूछताछ की। आरोपी अशोक ने बताया कि वह एसएससी, एएलएम, पुलिस और पटवारी की भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं के लिए कोचिंग सेंटर में स्टूडेंट्स की तैयारी करवाता था। वह कोचिंग सेंटर के मेधावी स्टूडेंट्स को दूसरों की जगह परीक्षा देने के लिए पांच लाख की लालच देकर उन्हें तैयार करता था। अंकित, अमित और रोहित सहित दस लोगों की जगह उसने अपने कोचिंग सेंटर के स्टूडेंट्स से हरियाणा के विभिन्न सेंटरों में परीक्षा दिलाई है।
आरोपी रामफल ने बताया कि वह पीटीआई टीचर के पद से बर्खास्त हो चुका है। उसने भी दूसरे की जगह तीन एग्जाम खुद दिए और चार से ज्यादा उम्मीदवारों की जगह उसने दूसरे लोगों को परीक्षा के लिए तैयार किया था। पुलिस अब ऐेसी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है, जिनके नाम रामफल और अशोक ने पूछताछ के दौरान उगले हैं। बता दें कि पुलिस इस प्रकरण में अभी तक 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
आरोपी ने माना टीचर भी इसमें होते थे शामिल
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा में विभिन्न सेंटरों पर सरकारी टीचरों ने भी उम्मीदवारों की जगह परीक्षा दी है और ड्यूटी पर तैनात कई टीचर भी इस मामले में संलिप्त हैं। उधर, एसीपी विजय नेहरा ने बताया कि पुलिस भर्ती फर्जीवाड़ा मामले की जांच जारी है। 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों को एसआईटी जल्द गिरफ्तार करेगी।