चंडीगढ़। पंजाब सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने पीजी पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब पोस्ट ग्रेजुएट करने के इच्छुक उन डॉक्टरों को सरकार इंसेंटिव मार्क्स देगी, जो जिला और सब डिवीजनल अस्पतालों की इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर या जेल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार की तरफ से अधिकतम 30 प्रतिशत तक अंक दिए जाएंगे, जो डॉक्टरों की ड्यूटी की अवधि के हिसाब से मिलेंगे।
नीट परीक्षा में प्राप्त अंक पर सरकार की तरफ से अलग से इंसेंटिव मार्क्स दिए जाते हैं। इससे पहले ग्रामीण व बॉर्डर एरिया में तैनात डॉक्टरों को ही इंसेंटिव दिए जाते हैं, जिसके लिए सरकार ने सामान्य, कठिन और अधिक कठिन क्षेत्र निर्धारित किए हुए हैं। इसमें भी कुछ बदलाव किया गया है।
अमृतसर, बठिंडा, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली जिला नगर निगम, कमेटी के 20 किलोमीटर के दायरे से बाहर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों और शेष 17 जिलों के नगर निगम, कमेटी के 10 किलोमीटर के दायरे से बाहर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को कठिन क्षेत्रों रूप में परिभाषित किया गया है। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट सीमा क्षेत्र और कंडी क्षेत्रों में स्थित सभी स्वास्थ्य संस्थानों और साथ ही उन सभी जिलों, ब्लॉकों के स्वास्थ्य संस्थानों को अधिक कठिन क्षेत्रों के रूप में परिभाषित किया गया है, जिन्हें नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिले और आकांक्षी ब्लॉक घोषित किया गया है। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने कहा कि वह पिछले काफी समय से सरकार की इसकी मांग कर रहे थे। इससे अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पूरी होगी।