हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने युवाओं के साथ बच्चों में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पहले एनसीआरबी और अब रोहतक पीजीआई के आंकड़े परेशानी बढ़ाने वाले हैं। पीजीआई की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 4 साल के दौरान नशे के आदि स्कूली बच्चों की तादाद में 12 गुणा बढ़ोत्तरी हुई है।
पीजीआई में हुई एक स्टडी के मुताबिक 2016 में 18 नशे के आदि बच्चे इलाज के लिए आए थे, जिनकी उम्र 14 से 19 साल के बीच थी। लेकिन 2019 के आखिर तक ये आंकड़ा बढ़कर 209 हो गया। करीब 12 गुना की ये बढ़ोतरी पूरे हरियाणा को परेशान करने वाली है। 20 से 25 साल की उम्र के युवाओं में बढ़ती नशे की लत का भी रिपोर्ट में जिक्रहै।
पीजीआई में साल 2016 के दौरान इलाज के लिए 267 युवा आए। 2019 तक ये आंकड़ा बढ़कर 451 हो गया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि ये तो सिर्फ वो मामले हैं जो पीजीआई तक पहुंचे हैं। क्योंकि पीजीआई तक अति गंभीर मामले ही पहुंच पाते हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्य अस्पतालों और नशा मुक्ति केंद्रों में पहुंचने वाले बच्चों और युवाओं की तादाद इससे कहीं ज़्यादा होगी। उससे भी बड़ी तादाद उन लोगों की होगी, जो ऐसी लत का इलाज ही नहीं करवाते।