कैप्टन ने बाजवा को याद दिलाते हुए कहा कि 2002-2007 के दौरान लोक निर्माण मंत्री रहते खुद उन्हें अपने उपर कई तरह के गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा था, जिसमें करोड़ों रुपये की बिटुमैन खरीद में अनियमितताओं का मामला भी शामिल था। मुख्यमंत्री के रूप में विरोधी पक्ष के दबाव में आकर वे (कैप्टन) भी उन्हें (बाजवा) बर्खास्त कर सकते थे लेकिन वे कानून के राज में विश्वास रखते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाजवा के मामले की तरह वे मौजूदा केस में भी निराधार आरोपों पर कोई कार्यवाही नहीं करेंगे, हालांकि उनकी अपनी पार्टी के सांसद इस मुद्दे पर विरोधी पक्ष के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
बाजवा की गतिविधियां पार्टी के वफादार सदस्य वाली नहीं : कैप्टन
पंजाब में अपनी सरकार और पार्टी के खिलाफ बाजवा की आलोचना का जवाब देते हुए कैप्टन ने कहा कि सांसद की गतिविधियां संदेहपूर्ण हैं और यह उनके पार्टी का वफादार सदस्य होने के संकेत नहीं हैं। कोरोना में सूबे को दरपेश मुश्किलों का सामना करने के लिए अपनी सरकार की कोशिशों का समर्थन करना तो दूर, सूबे में अपनी ही पार्टी और सरकार पर हमला करके बाजवा विरोधी पक्ष के हाथों में खेल रहे हैं। कैप्टन ने कहा कि पार्टी हाईकमान को स्पष्ट तौर पर इस घोर अनुशासनहीनता के लिए सांसद को तलब करना चाहिए।