फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानून के राज में विश्वास है वरना प्रताप सिंह बाजवा भी बर्खास्त होते: कैप्टन अमरिंदर सिंह

Sat, 29 Aug 2020 11:25 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
प्रताप सिंह बाजवा, कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

कांग्रेसी सांसद प्रताप सिंह बाजवा द्वारा कथित स्कॉलरशिप घोटाले पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि अगर वे जंगलराज में विश्वास रखते होते तो उन्होंने 2002-2007 के दौरान बाजवा को कैबिनेट से बर्खास्त कर देना था , जब उनका नाम लोक निर्माण मंत्री रहते बिटुमैन घोटाले व कई अन्य मामलों में उछाला गया था।

विज्ञापन


बाजवा द्वारा कथित स्कॉलरशिप घोटाले में कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कैप्टन ने कहा कि राज्यसभा सांसद विरोधी पक्ष के नेता के रूप में व्यवहार कर रहे हैं और उनका एक ही एजेंडा, हर मामले में अपनी सरकार पर हमला करना।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजवा प्रत्येक मौके पर विरोधी पक्ष के नेता जैसा व्यवहार करते हुए अपनी ही पार्टी की सरकार की आलोचना करने के लिए उछल पड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पष्ट है कि बाजवा का छिपा हुआ एजेंडा है। उन्होंने कहा कि सांसद की हाल ही में हुई पार्टी विरोधी कार्रवाई ने पंजाब में कांग्रेस को कमजोर करने के उनके इरादे को उजागर कर दिया था, जबकि उनकी पार्टी बहुत मजबूत है।

विज्ञापन

कैप्टन ने बाजवा को याद दिलाते हुए कहा कि 2002-2007 के दौरान लोक निर्माण मंत्री रहते खुद उन्हें अपने उपर कई तरह के गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा था, जिसमें करोड़ों रुपये की बिटुमैन खरीद में अनियमितताओं का मामला भी शामिल था। मुख्यमंत्री के रूप में विरोधी पक्ष के दबाव में आकर वे (कैप्टन) भी उन्हें (बाजवा) बर्खास्त कर सकते थे लेकिन वे कानून के राज में विश्वास रखते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाजवा के मामले की तरह वे मौजूदा केस में भी निराधार आरोपों पर कोई कार्यवाही नहीं करेंगे, हालांकि उनकी अपनी पार्टी के सांसद इस मुद्दे पर विरोधी पक्ष के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

बाजवा की गतिविधियां पार्टी के वफादार सदस्य वाली नहीं : कैप्टन
पंजाब में अपनी सरकार और पार्टी के खिलाफ बाजवा की आलोचना का जवाब देते हुए कैप्टन ने कहा कि सांसद की गतिविधियां संदेहपूर्ण हैं और यह उनके पार्टी का वफादार सदस्य होने के संकेत नहीं हैं। कोरोना में सूबे को दरपेश मुश्किलों का सामना करने के लिए अपनी सरकार की कोशिशों का समर्थन करना तो दूर, सूबे में अपनी ही पार्टी और सरकार पर हमला करके बाजवा विरोधी पक्ष के हाथों में खेल रहे हैं। कैप्टन ने कहा कि पार्टी हाईकमान को स्पष्ट तौर पर इस घोर अनुशासनहीनता के लिए सांसद को तलब करना चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें