चंडीगढ़। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में मेंबर पावर सिर्फ पंजाब से ही लगाया जाना चाहिए। पिछले इतने साल से यही व्यवस्था चली आ रही है और अब इसे बदलने का कोई तुक नहीं बनता नहीं है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बीबीएमबी में दखलअंदाजी तुरंत बंद करनी चाहिए और इस तानाशाही और गलत फैसलों को पंजाब सरकार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। गोयल ने बांधों पर सीआईएसएफ की तैनाती पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस बांधों की रक्षा करने में सक्षम है। आज भी सीमा के पास स्थित रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध की सुरक्षा पंजाब पुलिस ही संभाल रही है। ऐसे में बीबीएमबी परिसरों में सीआईएसएफ को तैनात करने का क्या तर्क है इसलिए केंद्र का फैसला संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि पानी को बांधों में इकट्ठा करने और इसके प्रबंधन से जुड़े फैसलों में पंजाब को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। बीबीएमबी के हर अहम फैसले में पंजाब को उसका उचित स्थान दिया जाना चाहिए क्योंकि पानी को संभालने की मुख्य जिम्मेदारी पंजाब की ही है।
गोयल ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल पर तंज कसते हुए कहा कि भले ही वह अब केंद्र में मंत्री बन चुके हैं लेकिन ऐसा लगता है कि उनका हरियाणा के प्रति मोह छूटा नहीं है। वे बार-बार वहीं अटक जाते हैं। जब सभी भागीदार राज्य आपसी तालमेल से बेहतर ढंग से काम कर रहे हैं तो केंद्र सरकार को इस तरह की बेवजह दखलंदाजी करने से बचना चाहिए।