चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से कैंपस में धरना प्रदर्शन न करने के लिए विद्यार्थियों से एफिडेविट मांगने के फैसले की आम आदमी पार्टी ने निंदा की है। आप सांसद मीत हेयर ने कहा कि यह तुगलकी फरमान अलोकतांत्रिक और तानाशाही है। मीत हेयर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और ऐसे देश में एक सरकारी यूनिवर्सिटी में इस तरह का तानाशाही फैसला बेहद गैर-जिम्मेदार और लोकतंत्र के लिए अपमानजनक है। यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को अगर कोई दिक्कत होगी तो वह कहां विरोध करेंगे।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने कैंपस में धरना प्रदर्शन कर बहुत सारे बड़े फैसले करवाए। पहले लाइब्रेरी पूरी रात नहीं खुलती थी, लेकिन जब विद्यार्थियों ने उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया तो लाइब्रेरी 24 घंटे खुलने लगी। इसी तरह विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन करके बढ़ी हुए ट्यूशन फीस कम करवाई या फीस बढ़ाने ही नहीं दी।
मीत हेयर ने कहा कि अब पीयू प्रशासन का यह फैसला स्वीकार करने योग्य नहीं है। आम आदमी पार्टी इसकी निंदा करती है। भाजपा की केंद्र सरकार के इशारे पर यूनिवर्सिटी इस तरह के फैसले ले रही है।