पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने राज्य भर में ग्राम पंचायतों की शामलात भूमि पर लगे पेड़ों को अगले आदेश तक काटने और नीलामी पर रोक लगा दी है। विभाग की भूमि विकास शाखा की ओर से सभी डिवीजनल डिप्टी डायरेक्टरों, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी और ब्लाक विकास एवं पंचायत अधिकारी के नाम जारी किए पत्र में कहा गया है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से दो अलग-अलग मामलों में दिए आदेशों के अनुसार, ग्राम पंचायतों की शामलात भूमि पर लगे पेड़ों की बोली लगवाकर बेचने की कार्रवाई को रोक दिया गया है।
हाईकोर्ट ने 2021 में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा था- ‘फिलहाल संबंधित क्षेत्र में बिना कोर्ट की अनुमति के कोई भी पेड़ नहीं काटा जाएगा।’ इसी तरह नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पंजाब के जिला फरीदकोट के एक मामले में फरीदकोट के को-आपरेटिव शुगर मिल में लगे पेड़ों की कटाई को लेकर भी हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए थे। फरीदकोट सहकारी चीनी मिल लिमिटेड के परिसर में 2058 पेड़ों की कथित अवैध कटाई के विषय पर पीसीसीएफ (एचओएफएफ) पंजाब को शिकायत पर गौर करने और कानून लागू करने के लिए उपाय करने का निर्देश दिए हैं।
पत्र में आगे कहा गया है कि हाईकोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी आदेशों को ध्यान में रखते हुए पेड़ बेचने संबंधी पालिसी पर दोबारा विचार किया जा रहा है। ऐसे में अगले आदेश तक राज्य में पेड़ों की कोई बोली न लगवाई जाए और न ही पेड़ों को काटने की इजाजत दी जाएगी।