पंचकूला। छह प्रतिशत मासिक मुनाफे का झांसा देकर 76.50 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में जिला अदालत ने यमुनानगर निवासी दीक्षा दत्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि एफआईआर में नाम नहीं होने के बावजूद जांच में पैसों के लेनदेन में उसकी भूमिका सामने आई है। उसके और सह-आरोपी पति रमेश दत्ता के बीच हुई वाट्सएप चैट भी जांच का हिस्सा है।
एफआईआर के अनुसार, पीड़ित को बीएफएक्स ट्रेडिंग स्कीम में निवेश पर छह प्रतिशत मासिक मुनाफे, कमीशन और विदेशी टूर का लालच दिया गया। उसने अलग-अलग माध्यमों से कुल 76.50 लाख रुपये दिए। बाद में एप पर फर्जी ट्रेडिंग डाटा और मुनाफा दिखाया जाता रहा, जबकि रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर इनकार कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार, पीड़ित ने दीक्षा को छह लाख रुपये नकद भी दिए थे। अदालत ने सह-आरोपियों की गिरफ्तारी लंबित होने और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। ब्यूरो