पंचकूला। विदेशों से एक्सपर्ट चिकित्सकों को ऑनलाइन जोड़कर लोगों की शंका का निदान किया। आमजन को कोरोना से बचाने और इसके भय से मुक्ति दिलाने के लिए हरियाणा प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष एवं विधानसभा की पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव ने एक अनोखी मुहिम चलाई है। उन्होंने लोगों को कोरोना से जागरूक करने के लिए कोविड जन जागरण नामक ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम शुरू करके महामारी से बचाव के तरीके से अवगत कराना शुरू किया है।
सबसे बड़ी बात यह है कि भाजपा नेता ने इस जागरूकता कार्यक्रम में ना केवल देश के वरिष्ठ डाक्टरों के पैनल से जनता को रूबरू करने का एक मंच दिया है, बल्कि विदेशों में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी अपने इस पैनल में स्थान देकर लोगों की शंका का समाधान करने का काम किया है। अपनी इस मुहिम के बारे में स्वयं भाजपा नेता संतोष यादव का कहना है कि कोरोना वायरस से पूरा विश्व ग्रस्त है। इसलिए उन्होंने निशुल्क ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शुरू करके लोगों को जागरूक करने की मुहिम छेड़ी है। इस मुहिम में आमजन भी बड़े उत्साह के साथ जुड़े हैं। अब तक दो कोविड जनजागरण कार्यक्रम किए जा चुके हैं।
ऑनलाइन कार्यक्रमों में ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी (यूके) के डॉक्टर अशोक जैनर, डॉ. गुरप्रीत कौर, इंटरनेशनल साइकोएनालिटिकल यूनिवर्सिटी बर्लिन, श्री गंगाराम अस्पाल के पूर्व एसोसिएट कंसलटेंट, राम मनोहर लोहिया के सीनियर डॉक्टर दिनेश कुमार व मेदांता गुरुग्राम के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिनेश यादव ने भाग लिया। वेबिनार की मॉडरेटर बच्चों की चिकित्सक और मेडिएस्टा फाउंडेशन के को-फाउंडर डॉक्टर मनीषा यादव थीं। इन वेबिनार में कोविड की दूसरी लहर के बीच आए ब्लैक फंगस को लेकर लोगों को विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। वेबिनार में ज्यादातर सवाल कोरोना वैक्सीन, फेफड़े में इंफेक्शन और ब्लैक फंगस को लेकर पूछे गए। ब्लैक फंगस से पैदा हुए डर को लेकर डॉक्टरों से कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि सावधान रहने की जरूरत है।
ब्लैक या व्हाइट फंगस कोई नया वायरस नहीं
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (यूके) के डॉक्टर अशोक जैनर ने बताया कि कोरोना के बीच ब्लैक और व्हाइट फंगस को लेकर डर के माहौल पर जानकारी देकर कहा कि इससे डरने की नहीं बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस कोई नया वायरस नहीं है। यह पहले से लेकिन कोरोना के बीच इसलिए बढ़ गया है कि इस महामारी में लोगों ने बहुत सारी दावइयां खाई है। इससे यह संकट पैदा हुआ है। इससे सावधानी और जानकारी से आसानी से बचा जा सकता है। उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बच्चों को डरने से मना किया और कहा कि इसका कोई आधार नहीं है कि इसका सबसे बुरा असर बच्चों पर ही होगा।