चंडीगढ़। निकिता तोमर के हत्यारे तौसिफ ने फरीदाबाद जिला अदालत सुनाई गई उम्रकैद की सजा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दाखिल करते हुए चुनौती दी है। याचिका को सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और जुर्माने की राशि की वसूली पर भी रोक लगा दी है।
मामला 2020 अक्तूबर का है। जब 21 साल की निकिता तोमर परीक्षा देकर लौट रही थी। इसी दौरान तौसिफ और रेहान उसके पीछे पड़ गए।
निकिता पर धर्मपरिवर्तन और शादी के लिए दबाव बनाने की भरसक कोशिश की गई, लेकिन निकिता ने इससे इनकार कर दिया। इसको तौसिफ बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने निकिता को गोली मार दी। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में तौसिफ और रेहान को दोषी मानते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुना दी। इसी सजा के आदेश को अब तौसिफ ने एडवोकेट सरफराज हुसैन के माध्यम से अपील दाखिल करते हुए चुनौती दी है। मामला इस वजह से भी सुर्खियों में रहा क्योंकि तौसिफ विधायक का भतीजा है।
याचिका में तौसिफ ने कहा कि इस हत्या से उसका कोई लेना देना नहीं है और पुलिस जान बूझ कर उसे इस मामले में फंसा रही है। इस मामले में जो शिकायतकर्ता है वह उस समय वहां मौजूद तक नहीं था जहां पर निकिता की हत्या की गई थी। इस मामले में उसे दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने कई तथ्यों को नजरअंदाज किया है। साथ ही याची ने कहा कि वह लंबे समय से मृतका के साथ संपर्क में ही नहीं था।