-अदालत ने कहा- सच्चाई सामने लाने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। गैंगस्टर नोनी राणा और मोनू गुर्जर के आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े मामले में पंचकूला अदालत ने आरोपी जतिन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि आरोपी पर गंभीर अपराधों में संलिप्त होने के आरोप हैं। मामले की तह तक पहुंचने और अन्य वारदातों का खुलासा करने के लिए उसकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दुर्भावनापूर्ण गिरफ्तारी से बचाना है, न कि गंभीर अपराधों की जांच में बाधा बनने देना। हिरासत में पूछताछ से जांच में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
-पुलिस मुठभेड़ से जुड़ा है मामला
पुलिस के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को एंटी नारकोटिक्स सेल को सूचना मिली थी कि गैंग के सदस्य किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। चंडीमंदिर थाना क्षेत्र के चौकी गांव के पास पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवारों को घेरा तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुकेश उर्फ काका और राहुल घायल हो गए थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हथियार और कारतूस बरामद किए थे।
-हथियार सप्लाई करने का आरोप
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने जतिन से हथियार मिलने की बात कही थी। सरकारी वकील ने आरोप लगाया कि जतिन गैंग के लिए शूटरों को हथियार और बाइक मुहैया कराता था। अदालत ने इन आरोपों की गंभीरता और जांच की जरूरत को देखते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।