कहा- पहले तकिए में सफेद रंग का कुछ रखा, फिर कैमरा ऑन कर ड्रग्स की दिखाई रिकवरी
रामदरबार निवासी दो युवकों ने की वकील के माध्यम से पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। रामदरबार फेज-1 निवासी रोहित और विजय उर्फ विशाल उर्फ बुग्गी ने चंडीगढ़ पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) पर झूठा केस दर्ज करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एडवोकेट अनिल गोगना, रोहित और
विजय ने मीडिया के समक्ष सीसीटीवी फुटेज और पेन ड्राइव प्रस्तुत की। इस फुटेज में साक्ष्यों सहित पुलिस की कथित फर्जी कार्रवाई का खुलासा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे एनडीपीएस केस में फंसाया गया और झूठी बरामदगी दिखाकर जबरन वसूली की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि 15 मार्च को पुलिस ने विजय के कमरे से 53,000 रुपये जब्त करने के बाद 6 ग्राम क्रैक बॉल्स और 35 हजार रुपये नकद तकिए के नीचे रख कर झूठी बरामदगी दिखाई थी। एडवोकेट अनिल गोगना ने प्रशासन से मांग की है कि यदि आरोपी पुलिसकर्मियों
पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वह हाईकोर्ट जाएंगे।
इस तरह शुरू हुआ मामला
रोहित के अनुसार 5 जनवरी 2025 को गौतम नामक उसके पुराने परिचित की एनडीपीएस मामले में गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ ने 6 जनवरी को उन्हें घर से उठाया और पूछताछ के बहाने थाने ले जाया गया। वहां उनसे एक लाख रुपये की मांग कथित रूप से पुलिस के एक मुखबिर के माध्यम से की गई। पैसे न देने पर उन्हें 10.30 ग्राम हेरोइन के झूठे केस में फंसा दिया गया। जिसकी कथित बरामदगी कालीबाड़ी मंदिर के पास से दिखाई गई है। वहीं दूसरी तरफ रोहित ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले से नशा ईंटों के नीचे छिपा रखा था और उसे वीडियो रिकॉर्डिंग में ईंट उठाने के लिए मजबूर किया गया, ताकि बरामदगी को असली दिखाया जा सके।
सीबीआई ट्रैप हुआ फेल
प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि रोहित के भाई मोहित से भी पुलिस ने पैसों की मांग की थी। इस मामले में शिकायत के बाद सीबीआई ने ट्रैप
प्लान किया। मगर उस समय कांस्टेबल नीरज कैमरा छीनकर फरार हो गया। जिस वजह से कांस्टेबल नीरज उसे और उसके साथियों से रंजिश रखने लगा। 15 मार्च को एएनटीएफ ने मोहित और विजय को भी उठा लिया।
नशा बेचने का करते हैं धंधा : पुलिस
एएनटीएफ के प्रभारी बलदेव कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आरोप बेबुनियाद व पूरी तरह निराधार हैं। आरोप लगाने वाले लोग नशा बेचने का धंधा करते हैं। इनके खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है। आरोप लगाने वाले युवकों पर पहले भी केस दर्ज हैं।