हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज शराब घोटाले में एसईटी को दी गई पॉवर से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने इस बारे में गृह सचिव को पत्र लिख कर एसईटी की शक्तियां बढ़ाने के लिए कहा है। अब यह मामला एक बार फिर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दरबार तक पहुंचेगा, जिसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी। फिलहाल विज ने कहा है कि एसईटी की शक्तियों को सीआरपीसी के सेक्शन 32 के तहत बढ़ाया जाए।
इस धारा के तहत एसईटी को शराब घोटाले के आरोपियों से पूछताछ और उनका बयान रिकार्ड करने की शक्तियां मिल जाएंगी। जिसके बाद एसईटी अपनी रिपोर्ट सरकार को कार्रवाई की सिफारिश के साथ देगी। वर्तमान में एसईटी को सिर्फ रिकार्ड खंगालने की ही शक्तियां है। जो एसईटी गठित की गई है, उसमें टर्म एंड कंडीशन भी लिखे गए हैं। जिसके तहत एसईटी को शराब गोदामों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा एसईटी को यह भी जिम्मेदारी दी गई है कि वह सील किए गए शराब गोदामों का भी रिकार्ड मैच कर सरकार को बताएगी कि अनियमितताएं किस स्तर पर हुई हैं। अनिल विज ने एसईटी के गठन के लिए इस मामले में पत्र लिखा था, जिसमें उनकी पहली पसंद अशोक खेमका थे।
वरिष्ठ आईएएस अधिाकरी संजीव कौशल और टीसी गुप्ता का भी नाम था। सरकार ने इस मामले में टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में एसईटी का गठन किया है। जिसके टर्म एंड कंडीशन तय किए गए हैं। अब जब एसईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। विज ने एसईटी की शक्तियां बढ़ाने की मांग कर दी है।
क्या तस्करी को जस्टीफाई करने की कोशिश कर रहे दुष्यंत : हुड्डा
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने डिप्टी सीएम द्वारा उन्हें लेकर की गई टिप्पणी पर कहा है कि दुष्यंत यह कह कर शराब तस्करी को जस्टिफाई करने का प्रयास कर रहे हैं। पहले दुष्यंत अपने परिवार के गिरेबान में झांक कर देखें। मालूम हो कि दुष्यंत ने पिछले दिनों पूर्व विधायक सतविंद्र राणा की गिरफ्तारी पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि ऐसे तो नेता प्रतिपक्ष पर भी कई मुकदमे दर्ज है। मुकदमे दर्ज होने से कोई दोषी साबित नहीं हो जाता।