हरियाणा में आंगनबाड़ियों के बच्चों लॉकडाउन के दौरान खाने की निर्बाध सप्लाई होगी। इसके लिए सभी आंगनबाड़ी संचालकों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वह तीन दिन में बच्चों के घर जाकर एक महीने का राशन उपलब्ध करवाएं।
हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि राज्य में अगले तीन दिनों के भीतर प्रदेश की सभी आंगनबाड़ियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक महीने के राशन की आपूर्ति घर द्वार पर पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग द्वारा सभी नगर निकायों के लिए 500 करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं।
सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस राशि का उपयोग वर्तमान में उत्पन्न हुई संकट स्थिति से निपटने के लिए नगर निकायों में केवल आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव के लिए ही उपयोग करना सुनिश्चित करें।
शुक्रवार को संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ियों के लाभार्थियों को सूखा राशन के सुचारु वितरण करने के लिए, संबंधित जिले के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को उनके अधिकार में आने वाली आंगनबाड़ी वर्करों को क्षेत्र और तिथि के अनुसार पास जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।
मुख्य सचिव ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विकलांग, निराश्रित और अनाथ बच्चों की सूची तैयार करें, ताकि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से उनकी देखभाल के बारे में पूछताछ करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।
सेवानिवृत्त होने वाले कार्यालयों के चक्कर न काटे
इस माह में होने वाली सेवानिवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए, अगर अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव उपायुक्त, और विभागाध्यक्ष किसी कर्मचारी की सेवाओं को बढ़ाना चाहते हैं, तो उस स्थिति में संबंधित सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदन करने के पश्चात प्रत्येक मामले के आधार पर सेवाओं को बढ़ाया जा सकता है।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिन कर्मचारियों की इस माह सेवानिवृत्ति है, उन्हें अपनी एनओसी और सेवानिवृत्ति बकाया के संबंध में कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी, इसके लिए प्रावधान किया गया है कि उनकी पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ स्वचालित (ऑटोमेटिक) उनके बैंक खाते में जमा करा दिए जाएंगे।
बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों की आवाजाही सुनिश्चित होगी
संबंधित उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उर्वरकों की दुकानों को खुलवाना और उनकी दरों को नियंत्रित रखना सुनिश्चित करें। किसानों की क्षतिपूर्ति के उद्देश्य से फसल के नुकसान का निर्धारण करने के काम में लगाए गए बीमा कंपनियों के सर्वेयरों के सुचारु आवागमन को भी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, अधिकारियों द्वारा पंजाब की सीमा से लगे जिलों में कंबाइन हार्वेस्टर की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाए।