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पंजाब में ‘अनीमिया मुक्त पंजाब’ मुहिम की शुरुआत

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चंडीगढ़। पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन ने राज्य में किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली महिलाओं को अनीमिया (खून की कमी) से निजात दिलाने के लिए ‘अनीमिया मुक्त पंजाब’ मुहिम की शुरुआत की है।
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राज्य में अनीमिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने तीनों विभागों को प्राथमिकता के आधार पर बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली महिलाओं की टेस्टिंग और इलाज पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। महाजन ने कहा कि अनीमिया खासकर गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली महिलाओं के साथ-साथ किशोरियों में एक प्रमुख समस्या है, लेकिन आयरन और फोलिक एसिड सप्लीमेंट और सही पौष्टिक खुराक के साथ इसकी आसानी से रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने तीनों विभागों को आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) की गोलियां मुहैया करवाने के साथ-साथ स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए मिड-डे मील की पौष्टिकता के स्तर को बढ़ाने को कहा। इसके अलावा, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को हिदायत की कि वह मुहिम के तहत बच्चों में अनीमिया की रोकथाम के लिए सभी प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों को भी कवर करें।
प्रमुख सचिव सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास राजी पी. श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल स्तर और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अनीमिया की जांच संबंधी योजना स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा विभागों के तालमेल से बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि छह महीने से 5 साल की उम्र के लगभग 7.27 लाख बच्चों के अलावा लगभग 2.06 लाख गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाओं को पहले ही आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित किया जा चुका है।
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सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों व आशा वर्करों को मिलेंगी आईएफए की गोलियां
‘अनीमिया मुक्त पंजाब’ मुहिम की सफलता की रूपरेखा बनाते हुए मुख्य सचिव ने प्रमुख स्वास्थ्य सचिव हुस्न लाल को हिदायत दी कि वह सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में अनीमिया जांच को यकीनी बनाएं और राज्य में कोविड टीकाकरण केंद्रों में जागरूकता मुहिम शुरू करें। इस मुहिम के तहत 9वीं से 12वीं कक्षा तक की सभी छात्राओं को कवर करने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और आशा वर्करों को आईएफए की गोलियां देने को कहा। उन्होंने इस मुहिम में शामिल तीनों विभागों को अनीमिया से प्रभावित बच्चों की टेस्टिंग संबंधी आंकड़ों को साझा करने और वेबसाइट पर अपलोड करने की हिदायत भी की। उन्होंने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लाभार्थियों को आईएफए की गोलियों का 100 प्रतिशत वितरण यकीनी बनाने के निर्देश दिए।
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