करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन पर उठे सवाल, विकास मंच ने डीजी एसीबी को सौंपी शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम के खातों से करोड़ों रुपये के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विकास मंच पंचकूला के सदस्यों ने डीजी, एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत भेजकर विभिन्न वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम के खातों से पिछले वर्षों में बड़ी रकम संदिग्ध तरीके से निकाली गई, जिसकी भनक तक अधिकारियों को नहीं लगी। मंच के सदस्यों का कहना है कि यह मामला गंभीर है और बिना अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता।
शिकायतकर्ताओं ने वर्ष 2020 में करीब सवा करोड़ रुपये कथित फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए निकाले जाने के मामले को भी दोबारा जांच में शामिल करने की मांग की है। उनका कहना है कि हाल में सामने आए मामलों के बाद अकाउंट्स विभाग की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है।
इसके अलावा, सेक्टर-19 स्थित निगम के बैंक खाते से किए गए एक आरटीजीएस लेन-देन पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि दो लोगों के खातों में राशि नहीं पहुंची। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि उक्त रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और कहीं इसमें भी गड़बड़ी तो नहीं हुई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि करीब एक करोड़ रुपये के ट्रांसफर से संबंधित सूची और आरटीजीएस आदेशों की भी जांच की जाए। आरोप है कि कुछ कर्मचारियों के खातों में जानबूझकर गलत तरीके से रकम ट्रांसफर की गई।
मंच के सदस्यों ने बताया कि इस संबंध में वर्ष 2023 में एंटी करप्शन ब्यूरो में एक एफआईआर भी दर्ज हुई थी, लेकिन अब तक मामले में चालान पेश नहीं किया गया है। शिकायत में सेक्टर-2 स्थित पंजाब नेशनल बैंक से करीब डेढ़ करोड़ रुपये निकाले जाने के पुराने मामले का भी जिक्र किया गया है, जिसमें कई खातों में रकम ट्रांसफर होने की बात सामने आई थी। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है।