पंचकूला। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े करीब 504 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में तीन दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद बुधवार को चारों आरोपियों को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद गौरव कंसल, मोहित गोयल, सिद्धार्थ नरूला और मनोज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सीबीआई सरकारी खातों से कथित तौर पर निकाली गई रकम को निजी फर्मों के खातों में स्थानांतरित करने और बाद में नकदी में बदलने से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है। जांच में मोहित गोयल की फर्मों के खातों में 112 लेनदेन के जरिये करीब 59.50 करोड़ रुपये आने की बात सामने आई है। वहीं गौरव कंसल की फर्म में 82 लेनदेन के माध्यम से करीब 26.78 करोड़ रुपये प्राप्त होने की जानकारी मिली है।
सीबीआई बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों के बीच हुए लेनदेन की पड़ताल कर रही है।