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दिल्ली पुलिस को एआईकेएससीसी ने फिर लिखा पत्र, आंदोलन के लिए दोबारा मांगी अनुमति

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चंडीगढ़। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) ने 26 व 27 नवंबर को देश भर के किसानों के ‘दिल्ली चलो आंदोलन’ के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर से दोबारा अनुमति मांगी है। दिल्ली पुलिस ने कोविड-19 संकट का हवाला देते हुए दिल्ली में 30 नवंबर तक किसी भी तरह की जनसभा या भीड़ के जमा होने पर पाबंदी लगा दी है।
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इसी आधार पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर की ओर से एआईकेएससीसी को भेजे पत्र में दिल्ली में कोविड संकट का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर लोगों के जमा होने पर पाबंदी का हवाला देते हुए किसान आंदोलन को अनुमति देने से मना कर दिया था। एआईकेएससीसी के कनवीनर वीएम सिंह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नए सिरे से भेजे पत्र में आंदोलनकारी किसानों द्वारा कोविड प्रोटोकाल का पालन किए जाने का भरोसा दिलाते हुए हाल के दिनों में पंजाब के मुख्यमंत्री और दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा जंतर-मंतर पर धरना व जनसभाएं करना का भी उल्लेख किया है। पत्र में उन्होंने नवंबर, 2017 और नवंबर, 2018 को दिल्ली में आयोजित एआईकेएससीसी द्वारा पार्लियामेंट स्ट्रीट पर किसानों के आंदोलन का हवाला भी दिया, जिसके बारे में उन्होंने लिखा कि उन आंदोलनों के दौरान प्रशासन द्वारा तय सभी दिशानिर्देशों का पालन किया गया और पुलिस को भी पूरा सहयोग दिया गया था। इससे किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी। इसके साथ ही वीएम सिंह को पत्र में यह भी याद दिलाया कि बीते सितंबर और अक्तूबर के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद अनेक धरने व प्रदर्शन जंतर-मंतर पर होते रहे हैं। इनमें पंजाब के मुख्यमंत्री, सांसद और विधायकों द्वारा दिया गया धरना भी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भेजे गए पत्र पर दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोलन की अनुमति नहीं दिए जाने पर एआईकेएससीसी और पंजाब के किसान संगठनों ने साफ कर दिया था कि जब बिहार चुनाव के दौरान भाजपा भीड़भाड़ भरी जनसभाएं कर सकती है और उन पर कोविड संबंधी कोई नियम लागू नहीं होता तो दिल्ली पुलिस किसान आंदोलन को रोकने के लिए बहाना न ढूंढे।
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रोका तो रोक देंगे दिल्ली के सारे रास्ते
दिल्ली पुलिस द्वारा 26 व 27 नवंबर को जंतर-मंतर पर आंदोलन की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर पंजाब के किसान संगठनों में गुस्सा बढ़ने लगा है। सूबे के 30 किसान संगठनों ने पहले ही एलान कर दिया है कि प्रदेश से हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों पर दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इसी बीच, दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोलन की अनुमति नहीं दिए जाने संबंधी खबरें आते ही किसान संगठनों ने एलान कर दिया है कि अगर देश भर से पहुंचने वाले किसानों को दिल्ली में प्रवेश से रोका तो वे दिल्ली जाने वाले सभी मार्ग और हाईवे अवरुद्ध कर देंगे और इसकी सारी जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की होगी।
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