दीपावली पर दुकानदारों को स्टॉल लगाने की अनुमति देने के बाद अब वेंडरों को तीन दिन के लिए फड़ी लगाने अनुमति देने की तैयारी कर ली है। सोमवार को मेयर राजेश कालिया का घेराव करने पहुंचे वेंडर निगम परिसर में ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद मेयर ने कुछ वेंडरों को ऑफिस में बुलाया और जानकारी ली। उसके बाद मेयर कालिया एडवाइजर मनोज परिदा से मिलने पहुंचे।
एडवाइजर की अनुमति के बाद मेयर ने फिर से निगम पहुंचकर वेंडरों को तीन दिन के लिए फड़ी लगाने की अनुमति देने की घोषणा कर दी। हालांकि मामले में नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल से रिपोर्ट मांगी है। दीपावली पर दुकानदारों को स्टॉल लगाने की अनुमति मिलने के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में वेंडर नगर निगम पहुंच गए।
वेंडरों की मांग थी कि जब दुकानदारों को नुकसान होने के डर से निगम ने स्टॉल लगाने की अनुमति दे दी है तो फिर वेंडरों के साथ भेदभाव क्यों। बात जब मेयर के पास पहुंची तो मेयर ने कुछ प्रमुख लोगों को मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वेंडरों ने दीपावली पर सामान बेचने के लिए तीन दिन की अनुमति देने की मांग की। मेयर ने तत्काल ओएसडी सुरेंद्र कुमार शर्मा, लॉ ऑफिसर राकेश और इंफोर्समेंट विंग के इंस्पेक्टर सुनील दत्त को बुलाया और मामले में जानकारी मांगी।
उसके बाद एडवाजर से मिलने चले गए और एडवाइजर को वेंडरों के बारे में बताया। एडवाइजर ने वेंडरों को बैठने की स्वीकृति दे दी। फिर मेयर ने नगर निगम पहुंचकर इसकी जानकारी वेंडरों को दी। साथ ही पार्किंग और बरामदों में बैठने के लिए मना किया। वहीं नगर निगम कमिश्नर ने सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल पंकज जैन से मामले में सलाह मांगी है। उनकी रिपोर्ट के बाद वेंडरों को 25 से 27 अक्तूबर तक सामान बेचने की अनुमति दे दी जाएगी।
दुकानों के सामने किसने कराई मार्किंग, किसी को नहीं पता
सोमवार को मेयर राजेश कालिया से मिलने चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल बोहरा, जनरल सेक्रेटरी संजीव चड्डा और मनोनीत पार्षद चरनजीव सिंह मिलने पहुंचे। मंडल के सदस्यों ने मेयर को बताया कि दुकानों के बाहर वेंडरों को बैठाने के लिए मार्किंग की जा रही है। जबकि वेंडिंग कमेटी की बैठक में तय हुआ था कि दुकानों के सामने वेंडर नहीं बैठाए जाएंगे।
हालांकि सदस्य कमिश्नर के न होने से उनसे नहीं मिल पाए। वहीं इस संबंध में कमिश्नर केके यादव ने कहा कि उन्होंने मार्किंग के लिए अभी निर्देश नहीं दिए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना आदेश के दुकानों के सामने मार्किंग किसने की। यदि निगम के अधिकारियों ने करवाई तो फिर बैठक में तय आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया।
जब बैठक में तय हुआ है कि दुकानों के सामने वेंडर नहीं बैठाए जाएंगे तो फिर क्यों मार्किंग की जा रही है। इस संबंध में कमिश्नर से मिलने आए थे, लेकिन वह मौजूद नहीं मिले। मेयर को पूरी जानकारी दे दी है।
संजीव चड्ढा, जनरल सेक्रेटरी, चंडीगढ़ व्यापार मंडल
अभी मैंने वेंडरों को शिफ्ट करने संबंधी कोई बैठक नहीं बुलाई है और न किसी को कोई निर्देश दिए हैं। ऐसे में मार्किंग करने का सवाल ही नहीं उठता। यदि ऐसा है तो दिखवा लूंगा।
केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
वेंडर मेरे पास आए थे। वास्तव में गरीब लोगों के घर दीपक नहीं जलेंगे तो फिर कैसी दीपावली। मैंने तत्काल एडवाइजर से बात की है। वेंडरों को स्टॉल लगाने की अनुमति दे दी है। कुछ दिन में पर्ची काटने के आदेश भी जारी हो जाएंगे।
राजेश कालिया, मेयर