पंचकूला। वर्क परमिट पर विदेश भेजने के नाम पर गुरुग्राम निवासी महिला दोस्त से 50 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने बुधवार को जालंधर से दबोच लिया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी राजन गुलाटी को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस इससे पूछताछ कर रकम बरामद करेगी।
एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट के इंचार्ज तेजेेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पीड़िता ज्योत्सना गुर्जर ने थाना सेक्टर-7 में आरोपी राजन गुलाटी के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट और ठगी की धाराओं में केस दर्ज करवाया था। आरोपी ने 25 मार्च 2023 को ज्योत्सना से 30 लाख रुपये लिए थे, जिनमें से 10 लाख कैश और 20 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से खाते में ट्रांसफर करवाए थे। इसके बाद 4 मई 2024 को आरोपी ने ज्योत्सना से 20 लाख रुपये लिए थे।
रकम लेने के बाद राजन ने कंपनी के लेटरहेड पर एक वीजा सपोर्ट लेटर भी महिला को भेजा, जिससे महिला को भरोसा हो गया कि प्रक्रिया चल रही है। लेकिन जुलाई 2024 तक न तो वर्क परमिट मिला और न ही आरोपी ने पैसे लौटाए। इस पर पीड़िता ने 20 सितंबर 2023 को ईमेल के जरिए पैसे वापस मांगे तो आरोपी राजन गुलाटी ने अगस्त 2024 तक वर्क परमिट दिलवाने का भरोसा दिया। इसके बाद पीड़िता अमेरिका गई, लेकिन वहां जाकर उसे पता चला कि जिस कंपनी की बात की जा रही थी, वह एक फर्जी (डमी) कंपनी थी।
आरोपी स्कूल का पुराना साथी
पीड़िता ज्योत्सना गुर्जर ने पंचकूला पुलिस के अलावा गुरुग्राम पुलिस और हरियाणा के मुख्यमंत्री को भी मामले की शिकायत सौंपी है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी राजन गुलाटी उसका स्कूल का पुराना साथी है, जिससे वर्ष 2023 में चंडीगढ़ में एक बार फिर मुलाकात हुई थी। राजन ने खुद को अमेरिका की एजिस टेलीकॉम एलएलसी कंपनी का डायरेक्टर बताया और अमेरिका में वर्क परमिट पर नौकरी दिलवाने की पेशकश की थी।