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Panchkula News: रिटायर्ड सैन्यकर्मी से 1.37 करोड़ की साइबर ठगी के आरोपी को तीसरी बार भी जमानत नहीं

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पंचकूला। आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी से 1.37 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में आरोपी को राहत नहीं मिली। जिला अदालत ने आरोपी रजाक (21) की तीसरी नियमित जमानत याचिका भी खारिज कर दी। आरोपी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला है और सात मार्च 2026 से जेल में बंद है। सेक्टर-8 निवासी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी की शिकायत पर सेक्टर-20 साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 20 फरवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की थी। शिकायत के मुताबिक, जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में इंस्टाग्राम पर एक पेज लाइक करने के बाद उनके पास व्हाट्सएप पर यतिन शाह नाम के व्यक्ति का संदेश आया। उसने खुद को आईआईएफएल कंपनी से जुड़ा बताकर नए आईपीओ में निवेश करने पर मोटे मुनाफे का लालच दिया। शिकायतकर्ता को भरोसे में लेकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। उन्होंने 29 जनवरी को 45 लाख, चार फरवरी को 40 लाख और 40 लाख तथा पांच फरवरी को 12 लाख रुपये जमा कराए। कुल 1.37 करोड़ रुपये देने के बाद मुनाफे के बारे में पूछने पर टालमटोल शुरू हो गई।
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-कमीशन के बदले साढ़े तीन लाख रुपये निकालने का आरोप

सरकारी वकील प्रदीप बिश्नोई ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि पांच फरवरी को एक बैंक खाते में चार लाख रुपये आए थे। उसी दिन आरोपी रजाक ने चेक के माध्यम से साढ़े तीन लाख रुपये निकाले और कथित तौर पर कमीशन के बदले सह-आरोपियों को सौंप दिए। अदालत ने इस तथ्य को आरोपी और ठगी करने वाले नेटवर्क के बीच संभावित मिलीभगत का संकेत माना। इसके बाद अदालत ने आरोपी की तीसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी।
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