पत्थरों से सिर कुचलकर हत्या का मामला, कोर्ट ने कहा-गंभीर अपराध में राहत नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-20 के कुंडी गांव में पत्थरों से सिर कुचलकर की गई हत्या के मामले में आरोपी बादल की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी। अदालत ने अपराध को गंभीर बताते हुए राहत देने से इनकार किया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर हत्या जैसे संगीन आरोप हैं, जिनमें उम्रकैद या मृत्युदंड तक का प्रावधान है। ऐसे मामलों में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने आशंका जताई कि आरोपी बाहर आने पर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है, गवाहों को प्रभावित कर सकता है या फरार हो सकता है।
बीमारी का हवाला नहीं आया काम
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को झूठा फंसाने और जेल में उसकी तबीयत खराब होने की दलील दी। हीमोग्लोबिन कम होने और इलाज की जरूरत का हवाला भी दिया गया। साथ ही कहा गया कि पुलिस चालान पेश कर चुकी है और अब कोई रिकवरी बाकी नहीं है। हालांकि अदालत ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि मामला सुनियोजित और जघन्य प्रकृति का है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।
जनवरी में हुई थी वारदात
सरकारी पक्ष के अनुसार 14 जनवरी 2026 को कुंडी गांव में फुटपाथ पर टीटू नामक व्यक्ति का शव मिला था। जांच में सामने आया कि बादल ने अपने साथियों पंकज, दिनेश और राम कुमार के साथ मिलकर पत्थरों से वार कर हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी के पास से खून से सना कपड़ा भी बरामद किया था। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और मामले की अगली सुनवाई जारी है।