पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के करोड़ों रुपये के एफडीआर घोटाले में गिरफ्तार निजी व्यक्ति समर मोहन रंगा को दो दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रिमांड के दौरान जांच टीम ने मामले से जुड़े लेन-देन और अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई।
एसीबी ने समर मोहन रंगा को गिरफ्तार किया था। जांच के अनुसार, उस पर कोटक महिंद्रा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर नगर निगम के बैंक खाते से अपनी पत्नी नेहा समर रंगा के संयुक्त खाते में करीब 5.19 करोड़ रुपये की सरकारी राशि अनधिकृत रूप से ट्रांसफर करवाने का आरोप है।
अब तक नौ आरोपी गिरफ्तार : एफडीआर घोटाले के मामले में अब तक नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी की ओर से 22 जून 2026 को अदालत में चालान भी पेश किया जा चुका है। एफडीआर और बैंक खातों की जांच के दौरान रिकॉर्ड और बैंक विवरण में भारी अंतर सामने आया था। जांच टीम मामले में बैंक खातों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। घोटाले में रकम के लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है। संवाद