पंचकूला। व्यापारी से साढ़े पचपन लाख रुपये छीनने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर एसआईटी ने जिला अदालत में पेश किया। जहां से उसे चार दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी की पहचान संजीव गौड़ कालका के रूप में हुई है। एसआईटी की टीम की ओर से आरोपी को पंचकूला, शिमला सहित अन्य जगह ले जाकर छापा मारा जाएगा। वहीं पैसे की बरामदगी के लिए क्राइम ब्रांच की टीम ने कई जगह दबिश दी है।
सेक्टर-5 होटल शिराज में 11 दिसंबर को करनाल के व्यापारी कुणाल चोपड़ा से साढ़े पचपन लाख रुपये की वसूली के मामले में एसआईटी रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद एसएचओ इंस्पेक्टर नवीन सहारण, हेड कांस्टेबल हरपाल सिंह और एसपीओ पवन कुमार को शनिवार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पंचकूला डीसीपी मोहित हांडा ने गठित एसआईटी की रिपोर्ट के बाद की थी।
इस मामले में जांच के बाद पर्याप्त सबूत मिलने पर यह कार्रवाई की गई थी। सीसीटीवी फुटेज में सेक्टर-14 थाना प्रभारी की गाड़ी, हेड कांस्टेबल और एसपीओ पवन कुमार दिखाई दिए थे। वहीं जिस बैग में आरोपी ने पैसा रखा था, वह बैग भी होटल के सीसीटीवी फुटेज में सामने नजर आया है। एसआईटी ने इस जांच की रिपोर्ट डीसीपी को सौंपी थी। इसके बाद डीसीपी ने यह कार्रवाई तीनों आरोपियों पर की गई है। पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की थी। वहीं, इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। अभी एसआईटी और क्राइम ब्रांच की ओर से इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
यह है पूरा मामला
दरअसल करनाल के व्यापारी कुणाल चोपड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि वह मकान खरीदने के लिए साढ़े पचपन लाख रुपये लेकर सेक्टर-5 के होटल शिराज में ठहरा हुआ था। इस दौरान इंस्पेक्टर नवीन सहारण की गाड़ी से पुलिसकर्मी हरपाल सिंह, एसपीओ पवन कुमार और कुुशविंदर शर्मा सहित कुछ पांच लोग उसके पास पहुंचे और इस रकम के बारे में पूछताछ करने के बाद धमकी दी और फिर पूरी रकम लेकर चले गए। इसके बाद अपनी रकम वापस लेने के लिए वह लगातार थाने के चक्कर काटता रहा। कुणाल चोपड़ा ने पुलिस मुलाजिमों पर यह आरोप भी लगाया था कि उन्होंने उसे धमकी देकर कहा था कि अगर वह दोबारा साढ़े पचपन लाख रुपये उनसे मांगने आएगा तो उसे ही किसी झूठे केस में फंसा देंगे। यह धमकी कुणाल को सेक्टर-14 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन सहारण ने दी थी। इसके बाद परेशान होकर कुणाल चोपड़ा ने इस मामले की शिकायत गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी की थी। इसके बाद यह शिकायत डीसीपी को भेजकर मामले में जांच करवाने के लिए कहा गया था। इसके बाद से इस मामले की एसआईटी जांच कर रही है। इंस्पेक्टर नवीन सहारण पर आरोप लगने के बाद उन्हें लाइन हाजिर करके उनका चार्ज सेक्टर-14 थाना प्रभारी के तौर पर इंस्पेक्टर राजीव मिगलानी को सौंप दिया गया है।