साढ़े तीन साल पुराने मामले में कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में सुनाया फैसला
अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए ठोस सबूत पेश नहीं कर सका
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। अदालत ने दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धमकी देने के साढ़े तीन साल पुराने मामले में आरोपी राम मेहर (43) निवासी जींद को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका।
मामले में जनवरी 2023 में पिंजौर थाना पुलिस ने एक युवती की शिकायत पर केस दर्ज किया था। शिकायत में आरोपी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप लगाए गए थे।
सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। हालांकि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया। इसके चलते अदालत ने आरोपी राम मेहर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।