2025 में जनवरी से अक्टूबर तक हुए थे 243 हादसे, इस साल इसी अवधि में दर्ज हुए 187 हादसे
पंचकूला। जिले में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए डिवाइडर पर लोहे की ग्रिल लगाने, सड़कों की मरम्मत, साइनबोर्ड लगाने और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे उपाय किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के बीच जिले में सड़क हादसों की संख्या में पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (ई-डार) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जनवरी से अक्टूबर तक जिले में 243 सड़क हादसे हुए थे। वहीं, वर्ष 2026 में इसी अवधि के दौरान 187 हादसे दर्ज किए गए। हालांकि, हादसों में 90 लोगों की मौत होना अब भी चिंता का विषय है।
पिछले वर्ष की समान अवधि में सड़क हादसों में 102 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस साल यह आंकड़ा 90 रहा। इसी तरह गंभीर रूप से घायलों की संख्या 65 से घटकर 56 रह गई है। इस तरह दुर्घटनाओं में मौतों में करीब 12 प्रतिशत और गंभीर रूप से घायलों की संख्या में लगभग 14 प्रतिशत की कमी आई है।
मार्च और सितंबर में गईं सबसे अधिक जानें
वर्ष 2025 में मार्च में सबसे अधिक 41 सड़क हादसे दर्ज किए गए थे। फरवरी और मई में 29-29 तथा अगस्त में 28 हादसे हुए थे। वर्ष 2026 में जनवरी और अप्रैल में 22-22, फरवरी और मार्च में 20-20 हादसे दर्ज किए गए। अगस्त में सबसे अधिक 23 हादसे हुए। मौतों के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में 12 और सितंबर में 14 लोगों की जान गई।
तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी बनी चुनौती
सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए तेज रफ्तार और गलत दिशा में वाहन चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की भी आवश्यकता है।
डिवाइडर पर ग्रिल लगाने से पैदल सड़क पार करने पर रोक
जिले में सूरजपुर, ओल्ड पंचकूला और एचएमटी के आसपास डिवाइडर पर लोहे की ग्रिल लगाई गई हैं, ताकि लोग बीच सड़क से आवागमन न करें। इसके अलावा, कई जगह साइन बोर्ड लगाए गए हैं। खराब सड़कों की मरम्मत और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता के प्रयास भी किए गए हैं।
अधिकारी कोट
रोड सेफ्टी सेल द्वारा जिले के ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर दुरुस्त कराया जा रहा है। जिले में अधिकतर सड़क हादसे हाईवे पर होते हैं। इन्हें रोकने के लिए एनएचएआई के साथ समन्वय किया जा रहा है। नए ब्लैक स्पॉट की पहचान कर जरूरी सुधार किए जा रहे हैं। प्रयास है कि हादसों और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम किया जा सके।-अमरिंदर सिंह, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक