आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने कांग्रेस को चेतावनी दी है कि अगर अगले हफ्ते विधानसभा के बजट सत्र में निजी बिजली कंपनियों के साथ पिछली बादल सरकार द्वारा किए बिजली खरीद समझौते (पीपीए) रद्द नहीं किए तो लोगों को साथ लेकर आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पटियाला स्थित मोती महल का बिजली कनेक्शन काट देगी। प्रिंसिपल बुद्ध राम ने कहा कि पार्टी की कोर समिति की बैठक 20 फरवरी को है, जिसमें पार्टी आगामी रणनीति बनाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि दिल्ली में आप की शानदार जीत का असर न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश में साफ दिखाई दे रहा है, क्योंकि यह सांप्रदायिक और लोगों में दरार डालने वाली सोच पर काम की राजनीति की जीत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जीत उन लोगों के मुंह पर तमाचा है, जिन्होंने राजधानी दिल्ली को ‘भारत बनाम पाकिस्तान’ बनाने की अपवित्र कोशिश की थी। चीमा ने कहा कि दिल्ली चुनाव ने कांग्रेस को एक बार फिर जीरो साबित किया और पंजाब में भी कांग्रेस का यही हश्र होना तय है। उन्होंने कहा कि पंजाब में माफिया राज की जड़ें जमाने वाले और बेअदबी के आरोपी बादलों को लोगों के साथ-साथ भाजपा ने भी मुंह लगाना बंद कर दिया है। चीमा ने कहा कि केजरीवाल का विकास माडल पंजाब में भी सुपरहिट रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार लोगों को महंगी बिजली से राहत नहीं देती तो मोती महल के बाद सभी कांग्रेसी मंत्रियों, विधायकों और संसद सदस्यों के घरों के बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे।
इससे पहले आप विधायक दल की चंडीगढ़ में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में बैठक हुई। कोर समिति के चेयरमैन प्रिसिंपल बुद्ध राम, उप नेता सरबजीत कौर माणूंके, विधायक अमन अरोड़ा, कुलतार सिंह संधवां, प्रो. बलजिन्दर कौर, रुपिंदर कौर रूबी, मीत हेयर, मनजीत सिंह बिलासपुर, कुलवंत सिंह पंडोरी, मास्टर बलदेव सिंह, विधानसभा के दफ्तर सचिव और स्टेट मीडिया हेड मनजीत सिंह सिद्धू समेत कोर समिति के सदस्य सुखविन्दर सुखी, गैरी बड़िंग और सीनियर नेता हरचन्द सिंह बर्सट उपस्थित थे। सबसे पहले दो मिनट का मौन रखकर पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। अमन अरोड़ा ने बधाई देते हुए कहा कि यह बजट सत्र मुख्यमंत्री के साथ-साथ वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की भी ‘अग्नि परीक्षा’ होगी, क्योंकि मनप्रीत बादल ने अपने पहले बजट सत्र में पंजाब और पंजाब की आर्थिकता को लाइन पर लाने के लिए तीन साल की मोहलत मांगी थी।