पंचकूला। तीन पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने चंडीगढ़ से राजस्थान जा रहे शराब से भरे एक ट्रक को रोका और कार्रवाई करने के बजाय ठेकेदार से सात लाख रुपये के रिश्वत की मांग की। बाद में ट्रक को बिना किसी कार्रवाई के रवाना कर दिया। सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों में सेक्टर-5 थाना के सब इंस्पेक्टर रिषी, क्राइम ब्रांच-19 के इंचार्ज पीएसआई प्रीतम और क्राइम ब्रांच-19 में तैनात एएसआई संजीव कुमार शामिल हैं। पीएसआई प्रीतम की जगह सेक्टर-10 चौकी इंचार्ज मुकेश सैनी को नया प्रभारी नियुक्त किया है।
20 सितंबर की घटना
मामला 20 सितंबर का है। सूचना मिली थी कि राजस्थान नंबर का एक ट्रक शराब की खेप लेकर पंचकूला से गुजरेगा। दोपहर करीब एक बजे बेलाविस्टा होटल के पास एसआई रिषी ने ट्रक को रोककर खड़ा करवा दिया। इसके बाद ट्रक चालक से पूछताछ की गई। इसी दौरान क्राइम ब्रांच अधिकारियों से बातचीत हुई। बोतलों की गिनती से लेकर ठेकेदार और ट्रक मालिक से लगातार बात होती रही। आरोप है कि कार्रवाई टालने के एवज में सात लाख रुपये में सौदा तय हुआ और शाम को ट्रक को बिना कानूनी कार्रवाई किए रवाना कर दिया गया।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले की जानकारी मुखबिर के जरिये पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक पहुंची। कमिश्नर ने तुरंत रिपोर्ट तलब की और प्रारंभिक जांच के बाद तीनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। फिलहाल जांच एसीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में पुलिस अधिकारियों ने पहले ट्रक को रोकने की बात से इन्कार किया और सड़क हादसे का बहाना बनाया। वहीं, पैसों की लेन-देन से भी उन्होंने साफ इन्कार किया। राजस्थान नंबर के ट्रक मालिक की पहचान कर ली गई है और चंडीगढ़ से लेकर राजस्थान तक की पुलिस से भी इस मामले में सहयोग मांगा गया है।
कोट
पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून के प्रति ईमानदारी और जवाबदेही हमारी प्राथमिकता है। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
-शिवास कविराज, पुलिस कमिश्नर पंचकूला