1.65 करोड़ की लागत से होगी स्थापना, सालाना 15 हजार जांच की क्षमता से मरीजों को मिलेगा जल्द उपचार
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में 1.65 करोड़ रुपये की लागत से दूसरी एचआईवी वायरल लोड टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। नई लैब शुरू होने से प्रदेश में एचआईवी जांच और उपचार व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सिविल अस्पताल की सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि लैब की स्थापना के लिए अस्पताल में पहले से उपलब्ध कोविड-19 मॉलिक्यूलर टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा आवश्यक अतिरिक्त उपकरण भी खरीदे जाएंगे, जिससे कम समय में लैब शुरू की जा सकेगी।
सालाना 15 हजार जांच की क्षमता
सीएमओ ने बताया कि इस परियोजना के लिए प्रति वर्ष 1.65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लैब में सालाना करीब 15 हजार एचआईवी वायरल लोड टेस्ट किए जा सकेंगे। इससे जांच क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को समय पर रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन उठाएगा खर्च
उन्होंने बताया कि यह परियोजना हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के सुझावों पर तैयार की गई है, जबकि इसका तकनीकी मूल्यांकन राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन ने किया है। लैब की स्थापना और संचालन का पूरा खर्च राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।एचआईवी संक्रमित मरीजों के लिए वायरल लोड टेस्टिंग बेहद महत्वपूर्ण होती है। इससे एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी की प्रभावशीलता का पता चलता है और दवा प्रतिरोध या उपचार विफलता की स्थिति का समय रहते पता लगाया जा सकता है। वर्तमान में हरियाणा के विभिन्न जिलों से एचआईवी जांच के सैंपल पीजीआईएमएस रोहतक भेजे जाते हैं, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती है। नई लैब शुरू होने के बाद जांच प्रक्रिया तेज होगी और मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।