पंजाब में शनिवार को संक्रमण से 24 घंटे में रिकार्ड 217 संक्रमितों ने दम तोड़ दिया, जबकि 429 की हालत गंभीर बनी हुई है। 6867 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। अब तक राज्य में 11693 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। पंजाब के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में अब तक 8140404 लोगों के नमूने लिए जा चुके हैं, जिनमें 490755 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है।
अच्छी बात यह है कि 401273 संक्रमित स्वास्थ्य लाभ लेकर ठीक हो चुके हैं। सक्रिय मामलों की संख्या 77789 पहुंच चुकी है। 9902 संक्रमितों को सांस लेने में परेशानी होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। शनिवार को अमृतसर में 26, बरनाला में 4, बठिंडा में 24, फरीदकोट में 5, फाजिल्का में 20, फिरोजपुर में 7, फतेहगढ़ साहिब में 3, गुरदासपुर में 12, होशियारपुर में 8, जालंधर में 11, लुधियाना में 18, कपूरथला में 5, मानसा में 3, मोहाली में 7, मुक्तसर में 14, पटियाला में 19, रोपड़ में 3, संगरूर में 15, एसबीएस नगर में 4 और तरनतारन में 5 मौतें हुई हैं।
'शिक्षा विभाग कोरोना पॉजिटिव अध्यापकों को नहीं देगा क्वारंटीन अवकाश'
पंजाब शिक्षा विभाग ने कोरोना से प्रभावित होने वाले अध्यापकों को क्वारंटीन अवकाश देने से इनकार कर दिया है। विभाग ने अध्यापकों से कहा है कि ऐसे हालात में वे या तो मेडिकल छुट्टी लें या फिर किसी अन्य तरह की छुट्टी के लिए अप्लाई करें। यह आरोप डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट के प्रदेश प्रधान विक्रमदेव सिंह ने एक बयान में लगाया।
उन्होंने इसे अध्यापकों के साथ भेदभाव करार दिया और कहा कि यह फैसला अध्यापकों के लिए निर्धारित सेवा नियमों का खुला उल्लंघन है। फ्रंट के महासचिव मुकेश कुमार और वित्त सचिव अश्विनी अवस्थी ने कहा कि पंजाब सरकार के परसोनल विभाग के 12 जुलाई, 2020 और 4 मई, 2021 के पत्रों के अनुसार कोई भी कर्मचारी या उसके पारिवारिक सदस्य के कोरोना पॉजिटिव होने पर संबंधित कर्मचारी उस अवधि के लिए पूरा वेतन और क्वारंटीन अवकाश का हकदार है।
इसी तरह सेहत विभाग द्वारा भी आउटसोर्स या एनएचएम मुलाजिमों को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर क्वारंटीन अवकाश का अधिकार दिया गया है। अब शिक्षा निदेशालय ने 15 मई, 2021 को एक पत्र जारी करके कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव होने पर क्वारंटीन अवकाश के बजाय मेडिकल लीव या अन्य छुट्टी लेने के निर्देश जारी किए हैं। इस कारण अध्यापकों में रोष है।