रामगढ़। रामगढ़ में करीब तीन वर्ष से मानसिक तौर पर अस्वस्थ व्यक्ति बैठा रहता था। उस व्यक्ति को किसी ने कुछ खाने को दिया तो ठीक है नहीं तो ऐसे ही बैठे खुद से ही बातें करता रहता था।
उसकी दयनीय हालत देखकर कस्बा रामगढ़ के समाजसेवी इमरान चौहान ने उससे बात करने की कोशिश की। उसके बारे में जानकारी लेनी शुरू कर दी। उस व्यक्ति की बोलचाल से इमरान को ऐसा मालूम हुआ कि यह व्यक्ति आसपास का ही रहने वाला है। ज्यादा पूछने पर अपना नाम शाहनवाज और पिता का नाम कल्लू निवासी देवबंद बताया।
इमरान चौहान ने उस व्यक्ति से मिली जानकारी के आधार पर अपनी परिचित मोना चौहान जो बाल गृह कुंज छछरौली में कार्यरत है उनसे बात की। मोना चौहान ने गंभीरता से उसके बारे में छानबीन शुरू की। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर व अन्य शहरों में कुछ लोगों से संपर्क साधा और उस व्यक्ति के गुमशुदा होने की चर्चा की।
मोना में चौहान को जल्दी ही सफलता मिल गई। उक्त व्यक्ति की पहचान शाहनवाज पुत्र कल्लू निवासी देवबंद के रूप में पुख्ता हुई। उसके परिजनों को सूचना दी गई। घर वालों की खुशी का कोई ठिकाना न रहा और वे तुरंत देवबंद से रामगढ़ की ओर रवाना हो गए।
शाहनवाज को सकुशल देख कर उनके पारिवारिक सदस्य इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। शाहनवाज के भाई नईम ने बताया कि वह करीब 3 वर्ष पहले घर से बिना बताए निकल गया था। उसकी बहुत तलाश की लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। आखिर में परिजनों ने उसकी तलाश करनी छोड़ दी।
शाहनवाज के परिजनों ने इमरान चौहान व हरियाणा बाल कल्याण परिषद चंडीगढ़ की ओर से संचालित बाल गृह कुंज छछरौली यमुनानगर अधीक्षक मोना चौहान का आभार व्यक्त किया। कहा कि उनकी बदौलत ही आज उनका पारिवारिक सदस्य उनके बीच सकुशल पहुंच गया है। गौरतलब है कि मोना चौहान इससे पूर्व भी अपने परिवार से बिछड़े हजारों लोगों को मिलवा चुकी हैं।