पंचकूला। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक करोड़ रुपये के मुआवजे का दावा खारिज कर दिया। यह दावा मृतक शिशपाल की पत्नी रूपवती और चार बच्चों ने दायर किया था।
ट्रिब्यूनल के प्रधान वेद प्रकाश सिरोही ने आदेश में कहा कि शिशपाल शराब के नशे में था और लापरवाही से सड़क पार कर रहा था। वह नशे में लड़खड़ाते हुए टीपीटी लाइट्स प्वाइंट पर सड़क पार कर रहा था। इस दौरान उसने दो-तीन वाहनों चालकों ने अपनी सूझबूझ से किसी तरह बचाव कर लिया। लेकिन इसके बाद में शिशपाल एक मोटरसाइकिल से टकरा गया और गंभीर चोटों से उसकी मौत हो गई। ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में उल्लेख किया।
मृतक की पत्नी और बच्चों ने अगस्त 2024 में दावा दायर करते हुए आरोप लगाया था कि 10 अप्रैल 2014 को शिशपाल काम से घर लौट रहा था। इसी बीच रवि लोहार नामक युवक ने मोटरसाइकिल लापरवाही से चलाते हुए उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में शिशपाल को सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई थी।