पंचकूला। जिले के जलौली गांव में प्रस्तावित हाई-सिक्योरिटी जिला जेल परियोजना को वन विभाग से स्वीकृति मिल गई है। विभाग ने 1688 पेड़ हटाने की अनुमति दी है, जबकि 269 पेड़ों को सुरक्षित रखते हुए परिसर में ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना बनाई गई है। करीब 31.16 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस कारागार परिसर को तीन लेयर की सुरक्षा दीवारों से घेरा जाएगा।
परियोजना के पहले चरण के लिए 86.17 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। फिलहाल नॉन-रेजिडेंशियल जेल वर्क को स्वीकृति मिली है। रेजिडेंशियल ब्लॉक की अनुमति अभी शेष है। इसका निर्माण स्थल टांगरी नदी से 100 मीटर दूरी पर होगा। पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के इंजीनियरिंग विंग का कहना है कि निर्माण कार्य पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा। जेल का निर्माण कार्य दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सिचाईं विभाग से अनुमति के बाद अप्रैल तक प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
892 कैदियों की क्षमता, सात बैरक बनेंगे
-नई जिला जेल में 892 कैदियों को रखने की व्यवस्था होगी।
-चार मेल बैरक (192 क्षमता)
-एक फीमेल बैरक (72 क्षमता)
-तीन स्पेशल सिक्योरिटी बैरक (कुल 812 क्षमता विशेष श्रेणी सहित)
-रेजिडेंशियल ब्लॉक के निर्माण के दौरान दो अतिरिक्त बैरक भी बनाए जाएंगे।
-सुरक्षा के लिए 11 फीट, 20 फीट और 16 फीट ऊंची तीन परतों वाली आरसीसी दीवारें बनाई जाएंगी।
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नॉन-रेजिडेंशियल ब्लॉक में ये होंगी सुविधाएं
-अस्पताल और वार्ड हॉस्टल
-वाटर वर्क्स व एसटीपी
-इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन
-कंट्रोल रूम और कैंटीन
-फैक्ट्री शेड व करेक्शनल कंपाउंड
-रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
-जेल सुपरिटेंडेंट हाउस
-स्टिल्ट + थ्री फ्लोर (छह मकान)
-800 वर्ग फीट के 24 मकान
-650 वर्ग फीट के 48 + 6 मकान
-550 वर्ग फीट के 12 मकान
-ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट
-आईजी व एआईजी आवास
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पैसा और समय दोनों की होगी बचत
पंचकूला को जिले का दर्जा 1995 में मिला था। अब 28 साल बाद जिला जेल बनाने की कवायद शुरू हुई है। पंचकूला में जिला अदालत को छोड़कर सीबीआई और एनआईए की 15 अदालतें हैं। यहां गंभीर मामलों में रोजाना आरोपियों को पेश किया जाता है। प्रतिदिन 100 से अधिक कैदियों को 4-5 गाड़ियों से अंबाला से लाया और वापस भेजा जाता है। यह एक खर्चीली और असुरक्षित व्यवस्था है। दूसरी तरफ कैदियों के परिजनों को मुलाकात के लिए अंबाला जाना पड़ता है। जेल के निर्माण के बाद पुलिस और प्रशासन सहित कई हजार लोगों को इसका फायदा पहुंचेगा।