रायपुररानी। रायपुररानी की अनाज मंडी में मंगलवार को डीसी सतपाल शर्मा ने औचक निरीक्षण किया। उनके पहुंचते ही मंडी प्रशासन, अधिकारियों और आढ़तियों में हड़कंप मच गया। डीसी ने मौके पर मंडी में चल रही खरीद प्रक्रिया, मापतौल और सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई आढ़ती सरकार द्वारा दिए गए इलेक्ट्रॉनिक कांटों का उपयोग नहीं कर रहे थे बल्कि पुराने मैनुअल मापतौल उपकरणों से ही तौल कर रहे थे। डीसी ने मौके पर खुद कुछ कांटों की जांच की जिसमें मापतौल में गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने एक आढ़ती का लाइसेंस रद्द करने और उसके धान खरीद रोकने के आदेश जारी किए।
इस लापरवाही पर डीसी ने मंडी सेक्रेटरी और हैफेड अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता और किसानों के हित में इलेक्ट्रॉनिक कांटे उपलब्ध करवाए हैं और उनका उपयोग न करना सीधी अनियमितता मानी जाएगी। निरीक्षण के दौरान मंडी की सफाई व्यवस्था पर भी डीसी ने असंतोष जताया। उन्होंने देखा कि जगह-जगह अनाज के ढेर, गंदगी और अव्यवस्था फैली हुई थी। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि मंडी परिसर में स्वच्छता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस दौरान मंडी सेक्रेटरी और हैफेड अधिकारी उपायुक्त के सवालों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिस पर उपायुक्त ने दोनों को कड़ी चेतावनी दी।
निरीक्षण के बीच किसान शशिकांत ने डीसी को शिकायत दी कि कुछ सेलर मालिक किसानों से पैसे लेकर धान का उठान कर रहे हैं जिसके कारण उसका धान कई दिनों से मंडी में पड़ा हुआ है। किसान ने बताया कि उसने अधिकारियों को कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शिकायत सुनते ही डीसी ने मौके पर ही अधिकारियों को तुरंत पीवी (भौतिक सत्यापन) करने और मामले की जांच के आदेश दिए।डीसी ने रायपुररानी पुलिस थाना और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने थाना रिकॉर्ड, शिकायत निवारण व्यवस्था और अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।