पंचकूला। नौकरी नहीं मिलने से परेशान एक इंजीनियर ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक चंद्र प्रकाश (22) ने भूरेवाल स्थित एसआरएम कालेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक की डिग्री हासिल की थी। सोमवार सुबह बाथरूम में बेसुध मिलने पर परिजनों ने उसे नारायणगढ़ के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां से डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पीजीआई जाते समय पंचकूला में ही इंजीनियर ने दम तोड़ दिया।
चंद्र प्रकाश के पिता पुष्पराज ने बताया कि उन्होंने मजदूरी कर अपने बेटे को बीटेक कराया था, लेकिन किसी कारण से वह परेशान चल रहा था। चंद्र प्रकाश की चाची ने बताया कि बीटेक करने के बाद से उसने कई जगह नौकरी के लिए आवेदन किए थे, लेकिन कहीं अवसर नहीं मिला। परिवार में उसके दो छोटी बहनें भी हैं।
बताया जा रहा है कि नारायणगढ़ के खानपुर, राजपुताना निवासी पुष्प राज का इकलौता बेटा चंद्र प्रकाश सोमवार की सुबह करीब 9 बजे संदिग्ध हालत में अपने बाथरूम में बेसुध पड़ा था। इसकी जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसको नारायणगढ़ के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया। डाक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया। परिजन चंद्र प्रकाश को लेकर पीजीआई जा रहे थे, इस दौरान रास्ते में तबियत बिगड़ने से उसे सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में ले आए। जनरल अस्पताल में इलाज के दौरान चंद्र प्रकाश ने दम तोड़ दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जनरल अस्पताल की मार्चरी में रखवाया गया है।