पंचकूला। शहर के लापता बिजनेसमैन दीपक सागर के मामले में सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। सीबीआई 2009 में लापता बिजनेसमैन के बारे में कोई सुराग नहीं ढूंढ नहीं पाई। जांच एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट में कहा है कि दीपक सागर के परिजनों ने जांच में सहयोग नहीं किया। वे आधा नार्को टेस्ट करवाने के बाद भाग निकले और जब पॉलीग्राफ टेस्ट की बारी आई तो टेस्ट करवाने से मना कर दिया, जबकि मामले में संदिग्ध लोगों ने पूरा सहयोग दिया। संदिग्धों के सभी टेस्ट करवाए गए, लेकिन उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला।
सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से संदिग्ध राजेश थापर, बृजेश कपूर, सतपाल सूद और विनय को काफी राहत मिल गई है। क्लोजर रिपोर्ट के मुताबिक दीपक के लापता होने में इनका कोई हाथ नहीं था। हालांकि, चाराें संदिग्ध दीपक राय सागर के काफी नजदीकी थे। मामले की सुनवाई 14 अगस्त को होगी।
सीबीआई ने एक अगस्त को इस क्लोजर रिपोर्ट की जानकारी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस जितेंदर चौहान की अदालत को दी। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के मुताबिक दीपक राय सागर के बेटे समीर और दामाद एसएस मोंगा ने कंप्लीट नार्को टेस्ट नहीं करवाया था। जब टेस्ट अंतिम चरण में था, तभी दोनों बहाना बनाकर भाग निकले।
पालीग्राफ टेस्ट से पत्नी ने मना किया था
सीबीआई ने मामले में संदिग्धों सहित दीपक राय सागर के परिजनों के पालीग्राफ टेस्ट करवाने की कोशिश की थी। संदिग्ध राजेश थापर, बृजेश कपूर, सतपाल, विनय, दीपक सागर के बेटे समीर सागर और दामाद एएस मोंगा का पालीग्राफ टेस्ट करवाया गया, लेकिन ममता सागर ने पालीग्राफ टेस्ट देने से मना कर दिया था।
दोस्त से मिलने निकले थे दीपक
सेक्टर-14 निवासी दीपक राय सागर एक जून 2009 को स्कोडा कार में महेशपुर स्थित अपने दोस्त विनय से मिलने निकले थे। घर से निकलते समय जल्दी लौटने की बात कही थी, लेकिन रात नौ बजे तक उनके वापस न लौटने पर घरवालों ने तलाश शुरू कर दी। उनके न मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद परिजनों ने दीपक की जानकारी देने वाले को पांच लाख रुपये इनाम देने की भी घोषणा की थी। लेकिन, जब दीपक का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पंजाब एंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की। सीबीआई ने पांच अक्तूबर 2011 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। दीपक सागर के बेटे समीर सागर के मुताबिक उनके पिता का अपहरण किया गया है। अपहरण के पीछे बिजनेस में कुछ लोगों के साथ रंजिश होना बताया है।
सेक्टर-14 से एक जून 2009 को हुए लापता
सेक्टर-14 पुलिस ने किडनैपिंग का मामला दर्ज किया था
सूचना देने पर पांच लाख का ईनाम घोषित था
5 अक्तूबर 2011 को सीबीआई ने केस दर्ज किया
03 अगस्त को सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की
क्लोजर रिपोर्ट पर 14 अगस्त को होगी सुनवाई