पंचकूला। एनआरआई महिला के घर पर कब्जा करने के मामले में पुलिस ने हुडा के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। कर्मचारी पर हुडा के रिकॉर्ड से कोठी के दस्तावेज निकालकर मुख्य आरोपियों को बेचने का आरोप है। बुधवार देर रात गिरफ्तारी के बाद वीरवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक पिंजौर क्षेत्र के गांव गरौढ़ा निवासी राजेश कुमार सेक्टर-6 स्थित हुडा हेडक्वार्टर में बतौर चपरासी तैनात है। उसने 700 रुपये लेकर धीरज को कोठी के दस्तावेज दिए थेे, जिसके बाद आरोपियों ने कोठी बेचने के लिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ की। ईओडब्ल्यू सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर धर्मबीर के मुताबिक राजेश की मुलाकात धीरज से हुई थी। धीरज के कहने पर ही उसने एनआरआई कुसुम लता के घर के दस्तावेज की फोटोकॉपी दी। पुलिस मानकर चल रही है कि हो सकता है कि राजेश पहले भी इसी तरह पैसे लेकर दूसरों की प्रॉपर्टी के दस्तावेज निकालकर बेचता रहा हो।
गौरतबल है कि ईओडब्ल्यू ने एनआरआई कुसुम लता की शिकायत पर मामला दर्ज कर वीना कोहली, धीरज कुमार, सतपाल व रविंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। क्योंकि इन पर कुसुम लता के सेक्टर-4 स्थित घर को फर्जी तरीके से बेचने की कोशिश करने का आरोप है। आरोपियों ने कोठी की एवज में डेढ़ लाख रुपये की टोकन मनी भी ली थी।