पंचकूला। सेक्टर-4 में एनआरआई की जिस कोठी पर पिछले दिनों कुछ लोगों ने कब्जा करने की कोशिश की थी, उसी कोठी को दूसरा गुट बेचने के फिराक में जुट गया। प्रॉपर्टी डीलर सहित चार लोगों ने कोठी की फर्जी मालकिन तैयार कर बयाना भी ले लिया था, लेकिन कोठी मालकिन इससे अनभिज्ञ थीं। कनाडा में रहने वाली कोठी की मालकिन पहले केस के सिलसिले में पंचकूला पहुंची तो पता चला कि इस कोठी का बयाना लिया जा चुका है। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। इकोनोमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्लयू) ने जांच के बाद आरोपी महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। ईओडब्लयू सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर धर्मबीर के मुताबिक, आरोपी जगाधरी निवासी रविंद्र सिंह और कैथल निवासी धीरज कुमार को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि जगाधरी निवासी वीणा कोहली और सतपाल वर्मा को न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल भेज दिया गया है।
जगाधरी की वीणा कोहली बनी फर्जी मालकिन
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-4 में एक प्लॉट के आधे में कोठी बनी है और इसकी असली मालकिन कुसुमलता हैं, जो कनाडा में रहती हैं। कुसुम ने अपनी इस कोठी की जीपीए अपनी मां राजकुमारी पंडित के नाम कर रखी है और वह भी कनाडा में रहती हैं। कैथल के धीरज कुमार ने इस कोठी को फर्जी तरीके से बेचने का षड्यंत्र रचा। धीरज प्रॉपर्टी डीलर है और उसने अपने साथी सतपाल व रविंद्र सिंह को इस गेम में शामिल किया। हुडा से कोठी के दस्तावेज लिए और उन दस्तावेजों से छेड़छाड़ की। दस्तावेजों में जीपीए राजकुमारी पंडित के नाम था। लिहाजा इस गैंग को एक महिला की जरूरत थी। इसके लिए उसने वीना कोहली को शामिल किया।
फिर ली टोकन मनी
महिला के शामिल होने के बाद पूरा गैंग तैयार हो गया। उन्होंने पंचकूला सेक्टर-11 के एक प्रॉपर्टी डीलर जगबीर कादियान से इस कोठी को बेचने की एवज में करीब डेढ़ लाख रुपये की टोकन मनी ली। गैंग का मनसूबा अभी आगे बढ़ ही रहा था कि खेल का पर्दाफाश हो गया।
ऐसे हुआ पर्दाफाश
फर्जीवाड़ा करने वाला गैंग आगे बढ़ रही रहा था कि कोठी की असली मालकिन एक केस के सिलसिले में पंचकूला पहुंच गई, जो उन्होंने कनाडा से ई-मेल कर दर्ज कराया था। दरअसल, इस घर पर किसी ने कब्जा करने की कोशिश की थी। जब कुसुमलता को इस बात का पता चला तो उन्होंने कनाडा से पंचकूला पुलिस को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी। सेक्टर-5 थाने में मामला दर्ज हुआ और ईओडब्लयू ने तफ्तीश कर उस गैंग को पकड़ लिया, जिसने कोठी पर कब्जा करने की कोशिश की थी। इसी केस के सिलसिले में जब कुसुमलता कनाडा से पंचकूला आई तो पता चला कि कोई इस कोठी को बेचने की भी कोशिश कर रहा है। इस मामले की अलग से शिकायत दी गई और अब उस गैंग को भी पकड़ लिया गया, जिसने कोठी बेचने की कोशिश की थी।
कोट्स..........
चार आरोपी पकड़े गए थे, जिनमें दो का पुलिस रिमांड लिया गया है। रिमांड के दौरान घर को बेचने की कोशिश के विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।
- इंस्पेक्टर धर्मबीर, इंचार्ज, ईओडब्लयू, पंचकूला