628 में से 79 लोगों ने बनाई अतिरिक्त चौथी मंजिल
सेक्टर-41ए के डुप्लेक्स मकान थे, जो 1980 के दशक में 628 लोगों को अलॉट किए गए थे। घरों में लोगों को बालकनी की इजाजत नहीं दी गई थी, इसके बावजूद अब कई लोगों ने बालकनी बना ली है। इसके अलावा कई लोगों ने बालकनी को कमरे के रूप में तब्दील कर दिया है। यही नहीं, घर के पीछे कई लोगों ने कमरा बना लिया है।
उस कमरे के ऊपर भी कई लोग कमरा बना चुके हैं। सर्वे में बोर्ड ने पाया कि करीब 79 लोगों ने एक अतिरिक्त चौथी मंजिल भी बना दी है, जो कि पूरी तरह से अवैध है। हालांकि, इस सर्वे के बाद सीएचबी पर भी सवाल उठ रहे हैं कि अवैध निर्माण होने के बाद ही बोर्ड के अधिकारियों की नींद क्यों खुली है।
सर्वे के बाद हाउसिंग बोर्ड के सामने है अब यह परेशानी
हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि सेक्टर-41ए के मकानों में कई तरह के अवैध निर्माण है, जिन्हें अब तोड़ना भी काफी कठिन काम है। यह मकान कई साल पहले बनाए गए थे। ऐसे में उनकी संरचना अलग है। इसके अलावा अगर वह एक मकान के अवैध निर्माण को तोड़ते हैं, तो दूसरे मकान को नुकसान पहुंच सकता है क्योंकि यह मकान एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा अवैध निर्माण लगभग सभी मकानों में हैं। इन्हें हटाने में भी काफी समय व कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी।
सीएचबी पूरे शहर में अब तक 404 मकानों की अलॉटमेंट कर चुका है रद्द
मकान के निर्माण में नियमों की उल्लंघना और रेंट जमा न करने पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड अभी तक 404 मकानों की अलॉटमेंट रद्द कर चुका है। इस लिस्ट को सीएचबी की वेबसाइट पर भी अपडेट कर दिया है ताकि अलॉटी इसे देख कर सकें। इसके अलावा समय-समय पर इस लिस्ट में बदलाव भी किए जाएंगे। इसमें लगभग सभी कॉलोनियों और सेक्टरों के अलॉटी शामिल है। इनमें सेक्टर- 29, 38 वेस्ट, 39, 40, 41, 42, 45, 46, 47, 49, 51, 52, 55, 56, 61, 63, धनास, डड्डूमाजरा कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, मलोया, मनीमाजरा, मौली जागरां व राम दरबार के अलॉटी शामिल हैं।