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पत्नी ने मांगी मंथली मेंटेनेंस तो पति ने थमाए 24600 रुपये के सिक्के

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कोर्ट में पति ने थमाए साढ़े 24 हजार के सिक्के... बिफर पड़ी पत्नी
सबहेड
अदालत में दोनों के बीच चल रहा है तलाक का केस, मंथली मेंटेनेंस के पैसे देने थे पति को

- पत्नी ने परेशान करने का आरोप लगाते हुए किया हंगामा, कोर्ट ने पैसे गिनने के लिए दिया वक्त

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक वकील और उनकी पत्नी के बीच चल रहे तलाक के केस में मंगलवार को जिला अदालत में उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब पत्नी को मंथली मेंटेनेंस के तौर पर पति ने 24600 रुपये के सिक्के थमा दिए। इस रकम में सौ-सौ रुपये के केवल चार नोट जबकि बाकी रकम 1, 2, 5 और 10 रुपये के सिक्कों के रूप में थी। पति द्वारा बड़ी संख्या में सिक्के दिए जाने पर महिला कोर्ट रूम में बिफर पड़ी और सिक्कों के तौर पर दी गई राशि का विरोध किया। फिलहाल एडीजे कोर्ट ने सिक्के गिनने के लिए 27 जुलाई का समय दिया है। इससे पहले हाईकोर्ट के आदेश पर ही महिला को उसके पति की ओर से 50 हजार रुपये बतौर मंथली मेंटेनेंस देने के आदेश हुए थे।
मामले के अनुसार, हाईकोर्ट के वकील ने 2014 में पत्नी से अलग होने के लिए केस दायर किया था। इसके एक साल बाद उन्होंने तलाक का केस दायर किया था। उस वक्त अदालत ने पति को पत्नी को बतौर मंथली मेंटेनेंस 25 हजार रुपये देने के आदेश दिए थे लेकिन, पति द्वारा पिछले दो महीने से पैसे नहीं दिए जाने पर पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट ने पति को पत्नी को बतौर मंथली मेंटेनेंस 50 हजार रुपये देने के आदेश दिए।
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मंगलवार को जिला अदालत में एडीजे रजनीश कुमार शर्मा की कोर्ट में मामले की सुनवाई थी। इसी दौरान पति ने पत्नी को मेंटेनेंस के तौर पर 24600 रुपये सिक्कों के तौर पर दिए, जिसका पत्नी ने विरोध कर दिया। महिला ने पति द्वारा उसे परेशान करने के लिए नया रास्ता तलाशने की दलील दी। साथ ही कहा कि, यह सरासर कानून का मजाक उड़ाना है। महिला ने कहा कि पति हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं और पेशे से वकील हैं। उनके कई बड़े-बड़े क्लाइंट हैं। उन्हें कई प्रापर्टी से लाखों रुपये महीने का किराया आता है। ऐसे में उनका कोर्ट में दलील देना कि उनके पास पैसे नहीं हैं, यह सरासर कोर्ट को गुमराह करना है। वहीं पति ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि, कानून में कहीं भी नहीं लिखा है कि जो पैसे दिए जाने हैं, वह किन तरह से (नोट-सिक्के) दिए जाने हैं।
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